Bihar land registry : बिहार में इस महीने से बदल रहे जमीन रजिस्ट्री के नियम, सरकार का निर्णय; इन लोगों को होगा बड़ा फायदा

बिहार में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया एक अप्रैल से बदलने जा रही है। अब संपत्ति की सेटेलाइट तस्वीर पोर्टल पर अपलोड करने के बाद ही रजिस्ट्री का समय मिलेगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 08 Feb 2026 01:18:26 PM IST

Bihar land registry : बिहार में इस महीने से बदल रहे जमीन रजिस्ट्री के नियम, सरकार का निर्णय; इन लोगों को होगा बड़ा फायदा

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Bihar land registry : बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। एक अप्रैल से पूरे राज्य में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए नई व्यवस्था लागू होगी। इस नई प्रणाली के तहत अब निबंधन विभाग के पोर्टल पर संपत्ति की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होगा। बिना तस्वीर अपलोड किए रजिस्ट्री के लिए समय नहीं मिल सकेगा।


दरअसल, इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले दरभंगा जिले में इसका सफल ट्रायल किया गया है। ट्रायल के दौरान ग्रामीण इलाकों में जमीन की सेटेलाइट तस्वीर को ऑनलाइन अपलोड कर इसकी तकनीकी प्रक्रिया को परखा गया। अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।


नई व्यवस्था के तहत जमीन, मकान या फ्लैट की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों को निबंधन विभाग के पोर्टल पर संपत्ति से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देनी होगी। इसमें खाता नंबर, प्लॉट नंबर, रकबा सहित अन्य विवरण दर्ज करना होगा। इसके साथ ही संबंधित जमीन या संपत्ति की सेटेलाइट तस्वीर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री के लिए समय तय किया जाएगा।


सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। कई मामलों में देखा गया है कि एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया जाता है या कागजों में हेरफेर कर गलत तरीके से रजिस्ट्री करा ली जाती है। सेटेलाइट तस्वीर और लोकेशन से जुड़ी जानकारी अपलोड होने से जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच आसानी से हो सकेगी।


निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पोर्टल पर संपत्ति की अक्षांश और देशांतर (लोकेशन) के साथ तस्वीर अपलोड करने से जमीन की पहचान स्पष्ट हो जाएगी। इससे किसी भी जमीन, मकान या फ्लैट को दोबारा बेचने की संभावना कम हो जाएगी। अगर कोई विक्रेता एक ही संपत्ति को दोबारा बेचने की कोशिश करता है, तो विभाग को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाएगी और रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी जाएगी।


राज्य सरकार इस नई व्यवस्था के जरिए जमीन से जुड़े विवादों को कम करने और आम लोगों को सुरक्षित तरीके से संपत्ति खरीदने की सुविधा देना चाहती है। साथ ही रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की भी योजना है।


निबंधन विभाग ने बताया कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी इस नई प्रणाली के संचालन को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


एक अप्रैल से इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिहार में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इससे न केवल खरीदारों को फायदा होगा, बल्कि संपत्ति से जुड़े विवादों में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।