स्वाभिमान दिवस पर बोले ललन सिंह..महाराणा प्रताप की तरह नीतीश कुमार भी दृढ इच्छा शक्ति के लिए जाने जाते हैं

स्वाभिमान दिवस पर बोले ललन सिंह..महाराणा प्रताप की तरह नीतीश कुमार भी दृढ इच्छा शक्ति के लिए जाने जाते हैं

PATNA: राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस पर राष्ट्ररत्न महाराणा प्रताप को याद किया गया। पटना के मिलर हाई स्कूल ग्राउंड में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। जेडीयू एमएलसी संजय सिंह की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग शामिल हुए। स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस मौके पर जेडीयू के कई वरीय नेता मौजूद थे। 


जनसभा को संबोधित करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि आज हम महाराणा प्रताप की याद में स्वाभिमान दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाराणा प्रताप दृढ इच्छा शक्ति वाले थे उसी तरह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दृढ इच्छा शक्ति वाले व्यक्ति हैं। महाराणा प्रताप के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि न्याय के साथ विकास के इस संकल्प को हर घर तक पहुंचाने का काम करेंगे तभी राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।


जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने मंच से बताया कि विरता,पराक्रम और शौर्य दृढ इच्छा शक्ति के रूप में महाराणा प्रताप जाने जाते थे। इसलिए आज हम उन्हें याद करते हैं। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप मेवार के 13वें महाराणा थे। 1576 में हल्दी घाटी की लड़ाई उन्होंने लड़ी थी और विशाल मुगल साम्राज्य अकबर की सेना से मुट्ठीभर सेना के साथ संघर्ष  करते हैं। जंगल में घास की रोटी खाना उन्होंने स्वीकार किया और संघर्ष करते रहे। 


एक समय था जब 1579-85 के बीच महाराणा प्रताप लगातार विजय हासिल किये। मेवार साम्राज्य का विस्तार करने का काम किये। महाराणा प्रताप अपने दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए जाने जाते हैं और हमारे नेता नीतीश कुमार भी दृढ इच्छा शक्ति के लिए जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2020 में महाराणा प्रताप की प्रतिमा को स्थापित करने का दृढ संकल्प लिया था जिसे उन्होंने पूरा किया। पटना के फ्रेजर रोड में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की गयी। यदि कोरोना नहीं होता तो 2021 में यह काम पूरा हो जाता। नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास को संकल्प माना। उन्होंने कभी वोट की राजनीति नहीं की। विकास के संकल्प के साथ दृढ इच्छा शक्ति के साथ नव बिहार का निर्माण किया।