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सुशासन दिवस के रूप में BJP मनाएगी अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती, PM Modi भी करेंगे पुष्पांजलि अर्पित

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 25, 2023, 7:31:13 AM

 सुशासन दिवस के रूप में BJP मनाएगी अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती, PM Modi भी करेंगे पुष्पांजलि अर्पित

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PATNA : आज देश के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती है। उनके जन्मदिन को देशभर में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार 99वीं जयंती पर भाजपा इसे यादगार बनाने के लिए देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित करने वाली है। ऐसे में हमेशा की तरह इस खास मौके पर पीएम मोदी अटल स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।


वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने देश भर के पार्टी पदाधिकारियों से सभी बूथों पर  पूर्व पीएम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने और उनके अद्भुत व्यक्तित्व पर चर्चा करने को कहा है। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही गरीब एवं किसान कल्याण की योजनाओं, उपलब्धियों एवं सुशासन पर लाभार्थियों से चर्चा की जाएगी। जिला केन्द्रों पर अटलजी की कविताओं पर काव्यांजलि और कवि सम्मेलन पर केंद्रित व्याख्यान मालाएं आयोजित होंगी।


मालूम हो कि, कवि, पत्रकार और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 1924 में आज ही मध्यप्रदेश में हुआ था। उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज से स्नातक किया। उसके बाद राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर के लिए कानपुर के डीएवी कालेज गए। यहां उनके पिता ने भी दाखिला लिया और दोनों हास्टल के एक ही कमरे में रहते थे। 1942 में 16 साल की उम्र में अटल जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य बने। 


उसके बाद 1951 में बनी जनसंघ पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक रहे। यही नहीं 1975 में लगी इमरजेंसी के दौरान जेल गए। उसके बाद 1977 में विदेश मंत्री होने के नाते उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय नेता थे। वे वीर रस के कवि थे। उनकी कविताएं निराशा और अंधकार में उम्मीद और रोशनी की लौ जलाती हैं।


आपको बताते चलें कि, तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल जी ने 1999 में पाकिस्तान की सेना द्वारा कारगिल की चोटियों पर कब्जा किए जाने के बाद जून में आपरेशन विजय को हरी झंडी दी। 1998 में पोखरण परीक्षण कराकर खुद को साहसी और सशक्त नेता के तौर पर स्थापित किया। इसके बाद 1992 में पद्म विभूषण और 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किए गए। इन्होंने 16 अगस्त, 2018 को दुनिया को अलविदा कह दिया।