ब्रेकिंग
15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया पूरा प्लानपटना में ज्वेलरी शॉप से 25 लाख की लूट, हथियारबंद अपराधियों ने वारदात को दिया अंजामबेगूसराय में पूर्व जिला पार्षद और RJD नेता को अपराधियों ने मारी गोली, गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्तीBihar Ias Transfer: बिहार के सात IAS अफसरों का तबादला, पूरी सूची देखें...बिहार प्रशासनिक सेवा के 45 अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग, कई जिलों में नए DTO- SDO की तैनाती, देखिये पूरी लिस्ट15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया पूरा प्लानपटना में ज्वेलरी शॉप से 25 लाख की लूट, हथियारबंद अपराधियों ने वारदात को दिया अंजामबेगूसराय में पूर्व जिला पार्षद और RJD नेता को अपराधियों ने मारी गोली, गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्तीBihar Ias Transfer: बिहार के सात IAS अफसरों का तबादला, पूरी सूची देखें...बिहार प्रशासनिक सेवा के 45 अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग, कई जिलों में नए DTO- SDO की तैनाती, देखिये पूरी लिस्ट

सूरज पर थूकने का दुस्साहस न करें नीतीश! सुशील मोदी बोले- BJP पर बोलने से पहले अपनी हैसियत देखें ललन सिंह

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार सूरज पर थूकने का दुस्साहस नहीं करेंगे क्योंकि ऐसा करने वाला खुद ही अपना

सूरज पर थूकने का दुस्साहस न करें नीतीश! सुशील मोदी बोले- BJP पर बोलने से पहले अपनी हैसियत देखें ललन सिंह
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार सूरज पर थूकने का दुस्साहस नहीं करेंगे क्योंकि ऐसा करने वाला खुद ही अपना चेहरा गंदा करता है। नीतीश कुमार के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हैं, लालू प्रसाद उन पर भरोसा नहीं करते और पार्टी के सांसदों-विधायकों का भविष्य अनिश्चित है, इसलिए हताश जदयू अध्यक्ष ललन सिंह भाषा की मर्यादा खो रहे हैं। 


सुशील मोदी ने कहा कि देश की सबसे ब॒ड़ी और केंद्र सहित कई राज्यों में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए मात्र एक राज्य में सीमित 44 विधायकों वाले दल के अध्यक्ष को बोलने से पहले अपनी हैसियत भी देखनी चाहिए। नीतीश कुमार सत्ता के लिए भाजपा और राजद, दोनों को बार-बार धोखा चुके हैं। उन पर कोई भरोसा नहीं करता। 


उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार केवल लालू प्रसाद पर दबाव बनाने के लिए देवीलाल की जयंती में शामिल न होकर दीनदयाल उपाध्याय की जयंती में आए थे। इस पर उनके फिर पलटी मारने की अटकल लगाना निराधार है। जिस व्यक्ति ने भाजपा से दूर रहने के लिए मिट्टी में मिल जाने की कसम तोड़ दी और जो अपना आधार वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता भी खो चुके हैं, उन्हें एनडीए क्यों वापस लेगा?