1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2026, 9:02:10 AM
- फ़ोटो
Patna PNG news : राजधानी पटना में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार की रफ्तार नगर निकाय से मिलने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की बाधा के कारण थम सी गई है। स्थिति यह है कि कई इलाकों में मुख्य पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन उससे सटी गलियों और आवासीय क्लस्टरों तक गैस कनेक्शन नहीं पहुंच पा रहा है। इससे हजारों उपभोक्ता लाभ से वंचित हैं और योजना का उद्देश्य अधूरा नजर आ रहा है।
शहर के महुआबाग, धनौत, सिद्धेश्वर नगर, रूपसपुर नालापर, त्रिशूल विहार कॉलोनी, लोहिया पथ, राम नगरी, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, एजी कॉलोनी, आकाशवाणी रोड, सीडीए कॉलोनी, जगदेव पथ, आईजीआईएमएस क्षेत्र, फ्रेंड्स कॉलोनी, समनपुरा, इंद्रपुरी, राजाबाजार और एनटीपीसी फेज-1, 2 व 3 जैसे इलाकों में पीएनजी की मुख्य पाइपलाइन पहले से मौजूद है। इसके अलावा आदर्श विहार कॉलोनी, नीति बाग, पटेल नगर, खाजपुरा, विजय नगर, वेद नगर, अंबा विहार कॉलोनी, कल्याण विहार कॉलोनी, ईएसआईसी कॉलोनी, जयप्रकाश नगर, कृषि नगर, आरके पुरम, सगुना मोड़, लेखा नगर, खगौल, कोथवां, गोला रोड, एसके पुरम, बेली रोड, हड़ताली मोड़, शास्त्रीनगर, बोरिंग कैनाल रोड, नागेश्वर कॉलोनी, पाटलिपुत्रा, किदवईपुरी और कवि रमण पथ जैसे क्षेत्रों में भी नेटवर्क का ढांचा तैयार है।
इसके बावजूद इन मुख्य लाइनों से जुड़े घरों तक पाइपलाइन नहीं पहुंच पाने के कारण लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए इंतजार कर रहे हैं। गैस आपूर्ति करने वाली एजेंसी का कहना है कि उन्होंने कई बार पटना नगर निगम से एनओसी के लिए आवेदन किया, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण गलियों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
विशेष रूप से नेहरू नगर वन विभाग क्षेत्र में यह समस्या गंभीर बनी हुई है। यहां बड़ी संख्या में लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन अंतिम चरण का नेटवर्क विस्तार नहीं होने से उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। पाटलिपुत्र इलाके में भी मुख्य पाइपलाइन पास से गुजरने के बावजूद घरों तक गैस नहीं पहुंच रही है।
इधर, राजधानी में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते पीएनजी की मांग तेजी से बढ़ी है। गैस कंपनी के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन 100 से 150 नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जबकि आवेदन इससे कई गुना अधिक आ रहे हैं। लोगों की प्राथमिकता अब सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध आपूर्ति वाली पीएनजी की ओर बढ़ रही है।
फिलहाल पटना में करीब 30 हजार घरेलू उपभोक्ता पीएनजी सेवा का लाभ ले रहे हैं, जबकि लगभग 90 व्यावसायिक संस्थानों में भी गैस की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि नेटवर्क विस्तार की धीमी गति के कारण नई मांग को पूरा करना चुनौती बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार गलियों में पाइपलाइन डालने के लिए सड़कों की खुदाई, ट्रैफिक मैनेजमेंट और विभिन्न विभागों से अनुमति की जरूरत होती है, जिससे प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली बन जाती है। लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि जहां मुख्य लाइन पहले से मौजूद है, वहां कनेक्शन देने में इतनी देरी उचित नहीं है।
लोगों का मानना है कि यदि नगर निगम और संबंधित विभाग समय पर एनओसी जारी करें, तो हजारों घरों तक पीएनजी कनेक्शन जल्द पहुंच सकता है। इससे न केवल गैस संकट की समस्या कम होगी, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी यह एक बड़ा सकारात्मक कदम साबित होगा।