1st Bihar Published by: AKASH KUMAR Updated Feb 20, 2022, 1:49:29 PM
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AURANGABAD: सोने की चेन और एक लाख रुपये के लिए ससुरालवालों ने बहू और उसकी बेटी की निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी पति, देवर और सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनायी साथ ही दस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के जिला जज मनोज कुमार तिवारी ने कुटुंबा थाना कांड संख्या 140/19 में सुनवाई करते हुए सजा सुनायी। बता दें कि मृतका के भाई ने मामला दर्ज कराया था और न्याय मिलने में दो साल का वक्त लगा।
गौरतलब है कि मामला औरंगाबाद का है। एक लाख रुपए कैश और सोने की चेन के लिए 26 नवंबर 2019 की रात को विवाहिता आरती कुमारी और उसकी डेढ़ साल की बेटी की हत्या ससुरालवालों ने मिलकर कर दी थी। जिसमें खुद उसका पति, देवर और सास-ससुर शामिल थे। शादी के ढाई साल बाद इस घटना को ससुराल के लोगों ने अंजाम दिया। इस दौरान डेढ़ साल की बच्ची को भी नहीं बख्शा।
खुदवां थाना क्षेत्र के मदुआ गांव की रहने वाले मृतका के भाई अमरेश कुमार ने कुटुंबा थाने में एफआईआरदर्ज कराया था। जिसमें मृतका के पति, सास, ससुर एवं देवर को आरोपित बनाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन सास-ससुर और देवर जमानत पर बाहर आ गए थे लेकिन पति जेल में ही था। 2 सालों तक चली सुनवाई के बाद सभी नामजद आरोपियों को 15 फरवरी 2022 को भादंसं धारा 304 बी/ 34 में दोषी करार दिया गया। जिसके बाद सभी को सजा सुनाई गयी।
सोने की चेन और एक लाख रुपए के लिए पति और ससुरालवाले आरती को हमेशा प्रताड़ित किया करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसे अक्सर मारा पीटा करते थे। उसे शारिरीक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया करते थे। इसकी मांग बार-बार की जा रही थी। जिसे पूरा करने में विवाहिता के मायकेवाले असमर्थ थे। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग मजबुरी समझने को तैयार नहीं थे। उनके द्वारा धमकी दी जाने लगी। उन्हें समझाने की कोशिश की गयी लेकिन वे लोग समझने को तैयार नहीं थे। और एक दिन दहेज की मांग पूरा नहीं होता देख ससुरालवाले और पति ने मिलकर आरती और उसकी डेढ साल की मासुम बच्ची को जहर देकर मार डाला। 26 नवम्बर 2019 की रात को इस घटना को अंजाम दिया गया था।