1st Bihar Published by: Updated Tue, 12 May 2020 12:11:05 PM IST
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DESK :कोरोना के कहर के बीच देश में लॉकडाउन-3 जारी है. लॉकडाउन-3 में थोड़ी सी रियायत देते हुए देश के कई हिस्सों में फंसे कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है.
लेकिन श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सफर कर रहे एक मजदूर का यह सफर आखिरी सफर बन गया. दरसल पुणे से प्रयागराज के बीच चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन में गोंडा जिले के नवाबगंज का रहने वाला 22 साल का अखिलेश राणा अपने दो साथियों के सफर कर रहा था. लेकिन जैसे ही ट्रेन सतना से आगे बढ़कर मझगवां पहुंची उसकी मौत हो गई. इसकी जानकारी मिलते ही ड्राइवर ने पुणेर मझगवां स्टेशन पर ट्रेन रोक दी. गार्ड ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी, और फिर अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई.
शाम 5:21 बजे मझगवां पहुंची ट्रेन करीब चार घंटे तक खड़ी रही पर कोई भी स्टेशन नहीं पहुंचा. साथ में यात्रा कर रहे यात्री कोरोना की वजह से मौत को सोचकर डर गए. काफी देर बाद जीआरपी के जवान पहुंचे लेकिन शव को उतारने के लिए कोई हाथ लगाने के लिए तैयार नहीं हुआ. कुछ देर इंतजार करने के बाद मृतक के दोनों साथियों से शव को ट्रेन से नीचे उतरवाया गया. मृतक के दोस्तों ने बताया कि पुणे से चलने के दौरान ही उसे सीने में दर्द की शिकायत थी पर वह चला आया और रास्ते में उसकी मौत हो गई.