1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 02, 2023, 3:22:17 PM
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MUZAFFARPUR : बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। राज्य के अंदर शायद कहीं भी शराब पीना या उससे जुड़ा किसी भी तरह का कोई भी कारोबार करना गैरकानूनी माना गया है। लेकिन, इसके बाबजूद इस कानून के हालात क्या है वह शायद ही किसी से छुपे हुए हो। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला मुजफ्फरपुर से निकल कर सामने आया है। जहां शराबबंदी के बाबजूद अवैध शराब का कारोबार किया जा रहा था। जसिके बाद सुचना पर पहुंची पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना के बाद इलाके में अफरा - तफरी का माहौल कायम हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार,मुजफ्फरपुर में शराब की सूचना पर छापेमारी को मानपुर में पहुंची गरहा थाने की पुलिस पर धंधेबाजों के साथ उसके समर्थकों ने हमला कर दिया। इसमें दारोगा समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिसके बाद इस मामले की सुचना पर अन्य थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायल पुलिसकर्मियों को बोचहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
वहीं, मामले में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी से पूछताछ कर सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि मानपुर आनंदी मांझी टोला में कुछ लोगों को बिठाकर शराब पिलाया जा रहा था। इसकी सूचना के बाद गरहा थाने की पुलिस छापेमारी को पहुंची। पुलिस को देखते सभी वहां से भागने लगे।
इसके बाद जब पुलिसकर्मियों द्वारा पीछा किया गया तो उनलोगों के साथ कई स्थानीय लोगों ने मिलकर हमला कर दिया। इसमें दारोगा जसपाल सिंह, सिपाही नीतेश कुमार, निर्भय कुमार व अन्य महिला पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि हमला करने वालों में अधिकतर लाठी डंडे व खुरपी से लैस थे।
उधर, इस मामले में गरहा ओपी अध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि शराब की सूचना पर छापेमारी के लिए टीम गई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध कर दिया और पुलिस से उलझ गए। कानून हाथ में लेकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व भी अहियापुर, मोतीपुर, कांटी, सकरा समेत कई इलाकों में शराब धंधेबाजों द्वारा पुलिस पर हमला किया जा चुका है। पुलिस की ओर से कार्रवाई भी की जाती है। बावजूद लोग कानून हाथ में ले लेते हैं।