ब्रेकिंग
Bihar Top 10 News: वीरान हुआ लालू-राबड़ी आवास, बांकीपुर सीट पर चुनाव का ऐलान औऱ भरत तिवारी एनकाउंटर में उठा बड़ा सवालसीमांचल में सेना की बड़ी तैयारी: किशनगंज में बनेंगे दो आर्मी स्टेशन, 'चिकन नेक' की सुरक्षा होगी और मजबूतचोरी का विरोध करने पर महिला के साथ दरिंदगी, प्राइवेट पार्ट पर हसुआ से किया हमलापटना के संत माइकल स्कूल के बाहर छात्र का अपहरण!, जूनियर छात्रों ने कर दी सीनियर की पिटाई, पुलिस ने लिया एक्शन भरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी को पुरस्कृत कर दिया?, रोहिणी आचार्य ने सरकार से पूछे तीखे सवालBihar Top 10 News: वीरान हुआ लालू-राबड़ी आवास, बांकीपुर सीट पर चुनाव का ऐलान औऱ भरत तिवारी एनकाउंटर में उठा बड़ा सवालसीमांचल में सेना की बड़ी तैयारी: किशनगंज में बनेंगे दो आर्मी स्टेशन, 'चिकन नेक' की सुरक्षा होगी और मजबूतचोरी का विरोध करने पर महिला के साथ दरिंदगी, प्राइवेट पार्ट पर हसुआ से किया हमलापटना के संत माइकल स्कूल के बाहर छात्र का अपहरण!, जूनियर छात्रों ने कर दी सीनियर की पिटाई, पुलिस ने लिया एक्शन भरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी को पुरस्कृत कर दिया?, रोहिणी आचार्य ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

सेना में महिला अधिकारियों को मिलेगा स्थाई कमीशन, SC ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार

DELHI: सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलने के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के विरोध को सिरे से नकारते हुए महिला अधिकारिय

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

DELHI: सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलने के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के विरोध को सिरे से नकारते हुए महिला अधिकारियों के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा है कि महिलाओं को कमांड पोस्टिंग मिलनी चाहिए, ये उनका अधिकार है.

दरअसल केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति विकासवादी प्रक्रिया है. आपको बता दें कि साल 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट से लड़ाई जीतने के बावजूद महिला अधिकारियों को सरकार के रवैये के चलते अपना हक नहीं मिला.


हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब रोक नहीं लगाई गई, फिर भी केंद्र ने हाईकोर्ट के फैसले को लागू क्यों नहीं किया. हाईकोर्ट के फैसले पर कार्रवाई करने का कोई कारण नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी नागरिकों को अवसर की समानता, लैंगिक न्याय..सेना में महिलाओं की भागीदारी का मार्गदर्शन करेगा. महिलाओं की शारीरिक विशेषताओं पर केंद्र के विचारों को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि केंद्र दृष्टिकोण और मानसिकता में बदलाव करे, सेना में सच्ची समानता लानी होगी. 



टैग्स