1st Bihar Published by: Updated Mar 18, 2020, 9:44:19 PM
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PATNA : बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले 17 साल के रोहित ने मर कर भी समाज को एक नई दिशा दी है. मरने के बाद इस युवा ने अंगदान किया है. जिससे कई घरों में अब मुस्कान लौटने वाली है. रोहित का दिल अब किसी और के सीने में धड़कने वाला है और अब इसकी आंखें किसी और को रंगीन दुनियां दिखाएगी. रोहित के ब्रेन डेड होने के बाद परिजनों ने जहां उसकी किडनी, लीवर, आंख दान किया है. इतना ही नहीं उसका हार्ट भी डोनेट कर दिया है.
रोहित ने मरने के बाद भी समाज को बड़ी सीख दी है. दरअसल पांच दिनों पहले सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद रोहित को गंभीर हालत में इलाज के लिए पटना के आईजीआईएमएस में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार की रात उसका ब्रेन डेड हो गया. रोहित के हार्ट को ट्रांसप्लांट करने आये कोलकाता के ऑर्गेन ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट की अगुआई में ग्रीन कॉरिडोर लगाकर पूरी सुरक्षा में पटना एयरपोर्ट से हार्ट को कोलकाता भेजा गया. कोलकाता लैब में ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
17 साल के रोहित के अंगदान से 6 लोगों को नई जिंदगी मिल सकेगी. दरअसल पांच दिनों पहले सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद रोहित को गंभीर हालत में इलाज के लिए पटना के आईजीआईएमएस में भर्ती कराया गया था जहां मंगलवार की रात उसका ब्रेन डेड हो गया. ब्रेन डेड होने के बाद रोहित के परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई थी और जिसके बाद अस्पताल ने सारी तैयारी की.
एक साथ रोहित का लीवर, किडनी,आई और हार्ट डोनेट किया गया. आईजीआईएमएस में डॉक्टरों की टीम ने इसे डोनेट करने का कार्य पूरा कर लिया है और अब पहली रोहित की वजह से आईजीआईएमएस लीवर ट्रांसप्लांट कर नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. रोहित के हार्ट को भी ट्रांसप्लांट करना चुनौती सरीखा था जिसको लेकर कोलकाता से डॉक्टरों की टीम पहुंची और ग्रीन कॉरिडोर लगाकर रोहित के हार्ट को पूरी सुरक्षा में फ्लाइट से कोलकाता रवाना किया गया. अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर मनीष मंडल ने परिजनों के हिम्मत को सलाम कहा और समाज से अंगदान की सीख लेने की अपील की.