1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 19, 2026, 9:05:13 PM
गया से आस्था का जनसैलाब - फ़ोटो सोशल मीडिया
GAYA: बिहार के गया जिला स्थित महाचक गांव में आस्था और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई और हजारों श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर विश्व शांति व छात्रों की सफलता की कामना की।
गया जिले के पवित्र महाचक गांव में एक अद्भुत आध्यात्मिक और भावनात्मक आयोजन का शुभारंभ हुआ है, जहाँ GOAL Institute के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री बिपिन सिंह के मार्गदर्शन में छात्रों की सफलता और विश्व शांति के लिए भव्य शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस दिव्य आयोजन की शुरुआत 19 मार्च को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य कलश यात्रा के माध्यम से हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
महाचक गांव की गलियों से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक, हर ओर भक्ति की गूंज सुनाई दी। हजारों श्रद्धालुओं ने इस कलश यात्रा में भाग लेकर अपनी आस्था का अनुपम परिचय दिया। विशेष रूप से, हजारों महिलाओं की गरिमामयी सहभागिता ने इस यात्रा को और भी दिव्य एवं भव्य बना दिया। सिर पर कलश, चेहरे पर श्रद्धा और मन में भक्ति लिए महिलाओं का यह दृश्य हर किसी के हृदय को भावुक कर गया।
सबसे प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि इस आयोजन में सभी वर्गों और सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ भाग लेकर एकता, भाईचारे और मानवता की अद्भुत मिसाल पेश की। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सशक्त संदेश बनकर उभरा है। इस महायज्ञ के माध्यम से जहां एक ओर छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की जा रही है।
संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक बिपिन सिंह का भावपूर्ण संदेश
"यह शतचंडी महायज्ञ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और संपूर्ण विश्व में शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का एक विनम्र प्रयास है। हम मानते हैं कि जब शिक्षा और आध्यात्म का संगम होता है, तब सफलता केवल लक्ष्य नहीं बल्कि एक साधना बन जाती है। इस यज्ञ के माध्यम से हम अपने सभी छात्रों के लिए शक्ति, ज्ञान और सफलता की कामना करते हैं, साथ ही विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। महाचक और आसपास के सभी गांवों के लोगों ने जिस श्रद्धा और एकता के साथ इसमें भाग लिया है, वह वास्तव में ‘GOAL परिवार’ की भावना को साकार करता है। यह दृश्य मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व का क्षण है।”
