1st Bihar Published by: Ganesh Samrat Updated Wed, 05 Feb 2020 12:53:26 PM IST
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PATNA: आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के MY समीकरण पर पार्टी के अंदर खतरा मंडराता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि मुस्लिम-यादव समीकरण के बूते राजनीति करने वाली आरजेडी के जिलाध्यक्षों के नाम के एलान में बहुतेरे नामों को काटकर दूसरों को मौका दिया जा रहा है। इस बीच जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी करने के पहले प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने लंबी चुप्पी साध ली है।
राजद के नए प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच संगठन के मजबूती और कार्यप्रणाली में लापरवाही को लेकर छिड़ी जंग थमने के बाद राजद प्रदेश अध्यक्ष जगतानंद सिंह ने यह ऐलान किया था कि 5 फरवरी को राजद के जिलाध्यक्षों का लिस्ट जारी कर दिया जाएगी।लेकिन आज अचानक प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह लंबी चुप्पी साध ली है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि वह 10 फरवरी से पहले मीडिया से बात नहीं करेंगे।
जगदानंद सिंह की चुप्पी के बाबत पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नये जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में राजद के मूल वोटर यानि यादव-मुस्लिम समीकरण की अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कई जिला अध्यक्ष पदों से इस समीकरण के तहत आने वाले जनप्रतिनिधियों का नाम लिस्ट से काटा जा रहा है। वहीं इस कयास के बीच राजद के कुछ नेताओं का कहना है कि यादव मुस्लिम पार्टी का बे़स वोटर है,अगर उनको पार्टी अलग करेगी तो इस का खामियाजा भी भुगतान पड़ेगा।अब नए प्रदेश अध्यक्ष को पार्टी के अंदर अपने फैसले से मूल वोटरों के नाराज होने का डर सता रहा है जिस वजह से जिलाध्यक्षों का लिस्ट जारी होने में देरी हो रही है।