1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 18, 2026, 10:45:05 AM
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Patna LPG News : पटना में रसोई गैस (LPG) की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। लगातार हो रही छापेमारी और निगरानी के कारण गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर भीड़ कम हो गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उपभोक्ताओं को अब गैस बुकिंग और डिलीवरी में पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एडीएम आपूर्ति आरके दिवाकर, एडीएम सह स्पेशल राशनिंग पदाधिकारी चित्रगुप्त कुमार समेत सभी अनुमंडल, प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पटना जिले की कुल 136 गैस एजेंसियों में 16,65,360 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 5,50,120 उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई थी, लेकिन अब यह संख्या घटकर औसतन 35,461 रह गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पहले की तुलना में अब अनावश्यक बुकिंग कम हो रही है और घबराहट में सिलेंडर लेने की प्रवृत्ति भी घटी है।
वहीं, वर्तमान में औसतन 41,094 सिलेंडर की दैनिक बिक्री हो रही है, जो यह दर्शाती है कि बाजार में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है। प्रशासन का कहना है कि अब आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बन गया है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत के अनुसार ही गैस बुकिंग करें और वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। अब ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से गैस सिलेंडर सीधे घर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा मिल रही है। साथ ही किसी भी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 भी जारी किया गया है।
इस बीच प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन पहले से मौजूद है, उनकी LPG बुकिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। पटना जिले में वर्तमान में लगभग 29,964 PNG उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 17 हजार लोग अभी भी LPG सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। इस निर्णय का उद्देश्य LPG पर अनावश्यक दबाव कम करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
इसके अलावा, जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के लिए शिविर लगाने का प्रस्ताव गेल (GAIL) के अधिकारियों को दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि PNG को बढ़ावा देने से गैस आपूर्ति प्रणाली और मजबूत होगी।
दूसरी ओर, गैस की बढ़ती मांग का असर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। होली से पहले जहां ऑनलाइन और स्मार्ट बाजारों में इंडक्शन चूल्हे 50 प्रतिशत तक की छूट पर मिल रहे थे, अब उनकी कीमतें अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के करीब पहुंच गई हैं और छूट घटकर 10 प्रतिशत से भी कम रह गई है। स्थानीय दुकानदार भी अब इंडक्शन चूल्हों की बिक्री MRP पर ही कर रहे हैं।
कई दुकानदारों का कहना है कि लोकप्रिय ब्रांड के इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक खत्म हो गया है और नई सप्लाई समय पर नहीं मिल पा रही है। वहीं कुछ दुकानदार अब इंडक्शन की जगह हीटर की बिक्री पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। कुल मिलाकर प्रशासन की सख्ती और निगरानी के चलते पटना में LPG की स्थिति अब नियंत्रण में आती दिख रही है और उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।