1st Bihar Published by: Updated May 20, 2020, 7:29:28 AM
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PATNA : बिहार में कोरोना महामारी के बीच हर दिन क्वारेंटाइन सेंटर में हो रहे बवाल और बदइंतजामी की शिकायतों पर पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से जवाब तलब किया है। पटना हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से इस मामले पर पूरी रिपोर्ट तलब की है। अधिवक्ता पारुल प्रसाद और राजीव रंजन की ओर से दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस बकुमार की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की है।
क्वारेंटाइन सेंटर के मामले पर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को पूरे मामले पर अगली तारीख के पहले रिपोर्ट देने को कहा है। अब इस मामले की सुनवाई 22 मई को होगी। इस मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय ने यह जानकारी दी कि केंद्र के निर्देशों के मुताबिक क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था अच्छे तरीके से चले इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली जा सकती है। यह जानकारी मिलने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को क्वारेंटाइन सेंटरों के बारे में व्यापक जानकारी देने का निर्देश दिया है।
पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिकाओं में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान देश के दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों को क्वारेंटाइन सेंटर्स में ठहराने का इंतजाम सरकार ने किया है लेकिन वहां समय पर ठीक तरीके से खाना भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। बिहार में क्वारेंटाइन सेंटर्स की बदहाली को लेकर लगातार हंगामे की खबरें आ रही हैं ऐसे में सरकार को इस व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए।