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बिहार में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, म्यूल बैंक अकाउंट से चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल, 31 सिम और 8 ATM कार्ड के साथ युवक गिरफ्तार

Bihar Cyber Crime News: बिहार के सारण जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर में हो रही साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर

बिहार में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, म्यूल बैंक अकाउंट से चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल, 31 सिम और 8 ATM कार्ड के साथ युवक गिरफ्तार
Tejpratap
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Bihar Cyber Crime News: बिहार के सारण जिले में साइबर ठगी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई बिहार पुलिस के साइबर इंटेलिजेंस शाखा से मिली खास सूचना के आधार पर की गई। पुलिस का कहना है कि यह मामला काफी समय से चल रहा था और इसमें कई राज्यों से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई हैं।


मामले की जांच के दौरान पुलिस ने IDBI बैंक के एक संदिग्ध खाते को चिन्हित किया और उसका भौतिक सत्यापन किया। जांच में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था। पता चला कि यह खाता मशरख थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी 34 वर्षीय अनुपम कुमार के नाम पर है। पुलिस के अनुसार, अनुपम कुमार अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए कर रहा था।


जांच में यह भी सामने आया कि इस खाते का संबंध देश के अलग-अलग राज्यों में हुए साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा हुआ है। साइबर क्राइम पोर्टल पर भी इस खाते के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। यानी यह सिर्फ एक स्थानीय मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।


सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि 15 फरवरी 2026 से लेकर 11 जून 2026 के बीच इस एक ही खाते से करीब 1 करोड़ 28 लाख 64 हजार रुपये का लेन-देन किया गया। इतनी बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन होने से पुलिस भी सतर्क हो गई और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।


पुलिस ने छापेमारी कर अनुपम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई अहम सामान भी बरामद किए गए, जो इस पूरे मामले में अहम सबूत माने जा रहे हैं। बरामद सामान में 7 चेक, 4 पासबुक, 8 एटीएम कार्ड, 3 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड, 31 सिम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 2 डेबिट कार्ड और 1 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। इसके अलावा भी कई बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।


पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतने ज्यादा सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह मामला किसी बड़े साइबर गैंग से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


इस मामले में सारण साइबर थाना में कांड संख्या 42/26, दिनांक 18 मार्च 2026 को दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


इस घटना के बाद सारण पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी तरह के लालच, दबाव या झांसे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। कई बार लोग थोड़े पैसे के लालच में आकर अपना खाता दूसरों को दे देते हैं, लेकिन बाद में वही खाता साइबर अपराध में इस्तेमाल होता है और वे खुद भी कानूनी पचड़े में फंस जाते हैं।


पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी को किसी तरह की साइबर ठगी, फर्जी कॉल, मैसेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें। समय रहते सूचना देने से कई बार बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

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