ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

पोस्टमार्टम से पहले जिंदा हुआ युवक, अस्पताल में मचा हड़कंप

डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां जिंदा युवक को मृत घोषित कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। होश आने पर युवक के भागने से हड़कंप मच गया। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

मध्यप्रदेश न्यूज
जिंदा युवक को भेजा पोस्टमार्टम हाउस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक को जिंदा होते हुए भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।


मिली जानकारी के अनुसार, गुना जिले के हड्डी मील क्षेत्र निवासी जॉन पारदी ने 11 मार्च को कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते सल्फास खा लिया था। परिजन उसे अचेतावस्था में जिला अस्पताल ले गये। आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टरों ने बिना  जांच किए ही उसे मृत घोषित कर दिया।


जिसके बाद युवक को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। लेकिन पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले ही उसे अचानक होश आ गया। खुद को लाशों के बीच और बिन कपड़ों के देख वह घबरा गया और वहां से बाहर की ओर भागने लगा।


युवक को इस हालत में भागते देख अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। थोड़ी देर बाद परिजन भी वहां पहुंच गए। युवक ने बताया कि यदि  उसे समय पर होश नहीं आता, तो जिंदा ही उसका पोस्टमार्टम कर दिया जाता। जिससे उसकी जान भी जा सकती थी।


इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, डॉक्टरों की जिम्मेदारी और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।


फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, लापरवाही के आरोपों के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी खामी को उजागर करती है।

टैग्स

संबंधित खबरें