ब्रेकिंग
Bihar Bhumi: रेवेन्यू कोर्ट में चल रहा भौतिक साक्ष्य का खेल, अब से सिर्फ RCMS पोर्टल पर अपलोड पेपर के आधार पर ही केस का होगा निबटाराबिहार में AI से अपराध पर लगेगी लगाम: पुलिस चिन्हित करेगी क्राइम हॉटस्पॉट, डायल-112 की शिकायतों की होगी समीक्षामुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अररिया दौरा, सहयोग शिविर का करेंगे निरीक्षण; समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधानखान सर की अग्रिम जमानत पर फैसला आज, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी कोर्ट सुनाएगा आदेश; मिलेगी राहत?जीतन राम मांझी का नया राग: SC-ST के लिए अलग निर्वाचक मंडल की वकालत की, बोले- ऊंची जाति वाले लोग..Bihar Bhumi: रेवेन्यू कोर्ट में चल रहा भौतिक साक्ष्य का खेल, अब से सिर्फ RCMS पोर्टल पर अपलोड पेपर के आधार पर ही केस का होगा निबटाराबिहार में AI से अपराध पर लगेगी लगाम: पुलिस चिन्हित करेगी क्राइम हॉटस्पॉट, डायल-112 की शिकायतों की होगी समीक्षामुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अररिया दौरा, सहयोग शिविर का करेंगे निरीक्षण; समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधानखान सर की अग्रिम जमानत पर फैसला आज, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी कोर्ट सुनाएगा आदेश; मिलेगी राहत?जीतन राम मांझी का नया राग: SC-ST के लिए अलग निर्वाचक मंडल की वकालत की, बोले- ऊंची जाति वाले लोग..

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार करने वालों पर बरसे सुशील मोदी, लोगों से की ये बड़ी अपील

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बिहार की जनता से अपील की कि अयोध्या के रामजन्म भूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर 22 जनवरी क

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार करने वालों पर बरसे सुशील मोदी, लोगों से की ये बड़ी अपील
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बिहार की जनता से अपील की कि अयोध्या के रामजन्म भूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर 22 जनवरी की शाम सब लोग कम से कम पांच दीप जला कर दीपावली मनायें और राम-विरोधी नकारात्मकता के अंधेरे में आस्था का प्रकाश फैलायें।


सुशील मोदी ने कहा है कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले जो दस दिन शेष हैं, उस अवधि में राम-भक्तों को अपने आस-पास के मंदिरों में उसी तरह स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए, जैसे हम बिहार के लोग छठ पर्व के समय सफाई करते हैं। इससे वातावरण में शांति और सकारात्मकता का संचार होगा। 


उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाली कई पीढियों के संघर्ष और बलिदान के बाद अयोध्या में विराट उत्सव मनाने का जो अवसर आया हैं, वह वर्तमान पीढ़ी के हिंदुओं के लिए सौभाग्य का विषय है। जो लोग आमंत्रण मिलने के बाद भी एक सात्विक कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे, उनके बारे में निर्णय राम-भक्त जनता करेगी।


सुशील मोदी ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार जिन पर दैवी कृपा नहीं होती, वे संसाधन-समय और आमंत्रण रहने के बाद भी सिद्ध मंदिरों में दर्शन नहीं कर पाते। 22 जनवरी के बाद सभी हिंदू भाई-बहनों को अपनी सुविधानुसार एक बार अवश्य अयोध्या धाम की यात्रा कर सरयू में स्नान और राम लला के दर्शन करने चाहिए।