पुलिस ने कॉलगर्ल को 2 लड़के के साथ पकड़ा, गलत काम करते हुए बनवा रही थी अश्लील वीडियो

1st Bihar Published by: Updated Aug 13, 2020, 2:22:32 PM

पुलिस ने कॉलगर्ल को 2 लड़के के साथ पकड़ा, गलत काम करते हुए बनवा रही थी अश्लील वीडियो

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DESK :  पुलिस ने जिस्मफरोशी के धंधे का का खुलासा किया है. कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने सेक्स रैकेट में शामिल एक कॉल गर्ल को 2 लड़कों के साथ पकड़ा है. गिरफ्त लड़की से पूछताछ कर पुलिस पूरे गिरोह के बारे में पता लगाने में जुटी हुई है. मामले की छानबीन की जा रही है.


मामला झाँसी शहर के मऊरानीपुर इलाके का है. जहां कोतवाली पुलिस ने सेक्स रैकेट में शामिल एक कॉल गर्ल को 2 लड़कों के साथ पकड़ा है. मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस अपहरण और फिरौती के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने गई थी. गिरफ्तारी के बाद पता चला कि ये लड़कियां सेक्स रैकेट में भी शामिल हैं. इस सेक्स रैकेट के बारे में बताया जा रहा है कि सेक्स रैकेट के धंधे में शामिल ये लड़कियां अपने लोगों के साथ अच्छे घराने के लड़कों को जाल में फंसाकर ले जाती थीं. वहां कॉल गर्ल उनके साथ गलत काम करती थीं और चुपके से उसका वीडियो बना लेती थीं. उसी वीडियो के आधार पर बाद में ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने का काम करती थीं.


एसएसपी दिनेश कुमार पी. के आदेश, एएसपी राहुल मिठास के निर्देशन और सीओ अभिषेक राहुल के नेतृत्व में आज कोतवाल संजय गुप्ता को छापेमारी के लिए भेजा गया था. पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली कि अपहरण के आरोपी महेन्द्र 1 महिला और 4 अन्य लोगों के साथ गुरसराय रोड मऊरानीपुर बाइपास स्थित ओवरब्रिज के पास खड़ा है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को पकड़लिया. कोतवाल संजय गुप्ता ने बताया कि ग्राम एवनी निवासी धर्मेन्द्र पुत्र रामगोपाल कुशवाहा और अरविन्द पुत्र हरिकिशुन अहिरवार के अपहरण का मामला धारा 395ए, 364, 412 में दर्ज हुआ था.


सभी आरोपियों ने पुलिस के सामने यह स्वीकार किया कि वह अन्य लोगों के साथ मिलकर सेक्स रैकेट चलाते हैं. बताया कि गिरोह को उन्होंने 2 भागों में बांट रखा है, जिसमें गिरोह का सदस्य पहले किसी से दोस्ती कर उसे घुमाने और मौज-मस्ती के नाम पर किसी अज्ञात स्थान ले जाते थे. यहां गिरोह की महिलाएं पहले से मौजूद रहती थीं. वहां पहुंचते ही गिरोह की महिलाएं लड़कों को पकड़ लेती थीं और अश्लील वीडियो बनाकर पुलिस और परिजनों को दिखाने की धमकी देकर रुपयों की वसूली करती थीं. जब रुपये मिल जाते थे तो वह लोग उसे आपस में बांट लेते थे.