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बिहार सरकार के इन अधिकारियों और कर्मियों पर लगा 2.37 करोड़ रुपये का जुर्माना, सामने आई यह बड़ी वजह

बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत शिथिल कर्मियों पर 2.37 करोड़ रुपये का दंड लगाया गया है। 99.5% सेवाओं का समय पर निष्पादन हुआ है, जबकि 355 बिचौलिए गिरफ्तार किए गए हैं। 2011 से अब तक 51 करोड़ से अधिक आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत शिथिल कर्मियों पर अब तक 2 करोड़ 37 लाख 58 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया जा चुका है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सामान्य प्रशासन विभाग की देखरेख में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन द्वारा की जा रही है।


विभागीय जानकारी के अनुसार, शिथिल कर्मियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, क्योंकि राज्य में 99.5 प्रतिशत सेवाओं का निष्पादन समय पर किया जा रहा है। हालांकि आईटी आधारित व्यवस्था लागू होने के बावजूद बिचौलियों की सक्रियता सामने आई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 355 बिचौलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


वर्ष 2011 से लागू इस अधिनियम के तहत 153 सेवाएं अधिसूचित हैं। कानून में यह भी तय है कि आवेदन के कितने दिनों के भीतर संबंधित सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। 15 अगस्त 2011 से 6 जनवरी 2026 तक सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी सेवाओं के लिए कुल 40,53,46,043 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 40,41,14,682 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जो 99.70 प्रतिशत है।


जमीन दाखिल-खारिज से संबंधित सेवाएं भी इसी अधिनियम के अंतर्गत आती हैं। अगस्त 2011 से जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक दाखिल-खारिज के 1,04,63,077 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 99,45,698 का निष्पादन किया गया। यह 95.06 प्रतिशत है।


अन्य सेवाओं के निष्पादन का प्रतिशत इस प्रकार है

भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र: 99.99 प्रतिशत

सामाजिक सुरक्षा पेंशन: 97.87 प्रतिशत

राशन कार्ड: 98.13 प्रतिशत

आचरण प्रमाण पत्र: 99.38 प्रतिशत

निबंधन सेवाएं: 99.97 प्रतिशत

अन्य सेवाएं: 99.96 प्रतिशत


अगस्त 2011 से जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक कुल 51.46 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 51.20 करोड़ मामलों में सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। उल्लेखनीय है कि इन आवेदनों में लगभग 90 प्रतिशत आवेदन ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता