1st Bihar Published by: AKASH KUMAR Updated Feb 12, 2021, 8:11:55 PM
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AURANGABAD: कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की रहती है और लोग भी उनसे न्याय की उम्मीद बनाए रखते हैं लेकिन औरंगाबाद में जो मामला सामने आया है उससे कही न कही पुलिस की कार्यशैली पर ही सवालियां निशान खड़े हो रहे है। पीड़ित दो महिलाओं ने अम्बा थानाध्यक्ष बीरेन्द्र पासवान की कार्यशाली पर सवाल खड़ा कर दिया। थानाध्यक्ष पर गांव के ही एक शख्स मंजूर आलम को संरक्षण देने का आरोप महिलाओं ने लगाया है। इस संबंध में परता नावाडीह गांव की जुबैदा खातुन और सलमा खातुन ने राज्य महिला आयोग, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है और उनसे न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने न्याय नहीं मिलने पर 23 मार्च को शहीद चौक पर परिवार के सदस्यों के साथ आत्मदाह किए जाने की धमकी दी है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्हें झूठे मुकदमें में फंसाया जा रहा है। अम्बा थानाध्यक्ष बीरेन्द्र पासवान से मिलीभगत कर गांव के ही मंजूर आलम ने उनके ऊपर प्राथमिकी दर्ज कराया है। पीड़ित परिवार ने एसपी सुधीर कुमार पोरिका से मुलाकात की और अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया। पीड़ित परिवार ने एसपी से इंसाफ की मांग की। एसपी ने पीड़ित पक्ष की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे मामले की गहनता से जांच की बात कही। पीड़ित परिवार पर किसी तरह का अन्याय नहीं होगा इस बात का आश्वासन एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने दी।