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राजधानी में कचरे के कारण रहना दूभर, हड़ताली कर्मियों से सरकार की नहीं बनी बात

1st Bihar Published by: Updated Sep 13, 2021, 6:57:02 AM

राजधानी में कचरे के कारण रहना दूभर, हड़ताली कर्मियों से सरकार की नहीं बनी बात

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PATNA : बिहार में लोकल बॉडीज के कर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। हड़ताल में शामिल पटना नगर निगम के कर्मियों की वजह से राजधानी पटना में हर तरफ कचरा फैला हुआ है। पटना में कचरे के कारण अब रहना दूभर हो रहा है। रविवार को हड़ताली कर्मियों के संगठन और सरकार के बीच एक बार फिर से बातचीत हुई लेकिन नतीजा नहीं निकल सका। हड़ताली कर्मी आगे भी अपने काम पर नहीं लौटेंगे। 


रविवार को भी पटना की सड़कों पर कचरा फैला रहा। बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह, महामंत्री अमृत प्रसाद और श्यामलाल प्रसाद ने कहा कि नगर निकाय के कर्मियों की 12 सूत्री लंबित मांगों पर प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति के साथ रविवार को हुई बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकल पाया। वार्ता सफल नहीं होने के कारण बिहार के नगर निकायों में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।


संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा है कि हमारी मांगे बेहद पुरानी है सरकार की तरफ से हर बार आश्वासन दिया जाता है लेकिन हड़ताल खत्म होने के बाद सरकार पुरानी मांगों पर विचार नहीं करती। बिहार के नगर निकायों में जारी हड़ताल का मुख्य मुद्दा ग्रुप डी के पदों को पुनर्जीवित करना, नगर निकायों के स्तर पर ग्रुप सी का नियंत्रण एवं अनुकंपा पर नियुक्ति को शीघ्र प्रारंभ करना आदि है। इन प्रमुख मांगों पर जब तक सरकार फैसला नहीं करती है, तब तक इस हड़ताल को किसी भी परिस्थिति में स्थगित नहीं किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि सरकार से हुई बातचीत में इन प्रमुख मांगों पर हड़ताली संगठन और सरकार के बीच में पेंच फंसा हुआ है। वर्षों से कार्यरत दैनिक सफाई मजदूरों का नियमितीकरण के साथ-साथ समान काम समान वेतन अथवा 18000 से लेकर 21000 रुपये तक मासिक वेतन और आउटसोर्स में मौजूद भ्रष्टाचार एवं शोषण पर रोक की मांग शामिल है।