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नगर निगम ने खोली पटना के सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में स्वच्छता की पोल, PMCH, NMCH और एम्स में गंदगी का अंबार!

1st Bihar Published by: Updated Dec 13, 2020, 10:22:24 PM

नगर निगम ने खोली पटना के सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में स्वच्छता की पोल, PMCH, NMCH और एम्स में गंदगी का अंबार!

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PATNA :  राजधानी में पटना नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है, जिसमें यहां के सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहद ख़राब है.  हालत इतने ख़राब हैं कि सरकारी हॉस्पिटल लिस्ट में भी नहीं हैं. दरअसल रविवार को पटना की मेयर सीता साहू ने नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में अव्वल आने वाले होटलों, स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों आदि को सम्मानित किया. 


पटना नगर निगम की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें राजधानी पटना के विभिन्न होटलों, बाजार समितियों (मॉल्स), स्वच्छ आवासीय परिसर, स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों के नाम शामिल हैं. इस लिस्ट में हर एक श्रेणी में तीन-तीन ससंथान यानी कि फर्स्ट, सेकेण्ड और थर्ड स्थान पाने वाले आर्गेनाईजेशन के नाम शामिल हैं, जिन्हें मेयर सीता साहू, नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा और अपर नगर आयुक्त देवेंद्र प्रसाद तिवारी ने सम्मानित किया.


पटना में अगर स्वच्छ अस्पतालों की बात की जाये तो यहां के प्राइवेट हॉस्पिटल पारस एचएमआरआई को फर्स्ट, आईजीआईएमएस को सेकेंड और जय प्रभा मेदांता हॉस्पिटल को थर्ड स्थान प्राप्त हुआ है. हैरानी की बात है कि फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड तो दूर नगर निगम की ओर से लगातार चलाये गए जागरूक अभियानों के बावजूद भी PMCH, NMCH और एम्स जैसे बड़े सरकारी संस्थानों के नाम भी इस लिस्ट में नहीं हैं.


होटल पाटलीपुरा कॉन्टिनेंटल को सफाई के मामले में पहले, होटल मौर्य को दूसरे और होटल अमाल्फी ग्रैंड को तीसरे स्ताहन पर रखा गया है. स्वच्छ स्कूलों की बात की जाये तो नॉट्रेडेम अकादमी को पहला, सेंत माइकल अकादमी को दूसरा और लोयला स्कूल को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है. यहां भी व्यवस्था के लिए शर्म की बात है कि स्वच्छता को लाख बढ़ावा देने के बावजूद भी सरकारी स्कूलों का नाम दूर-दूर तक शामिल नहीं है, जहां बच्चे पढाई करने जाते हैं.



स्वच्छ आवासीय परिसर के मामले में आरा गार्डन रेसीडेंसी को पहला, टेरेंस गार्डेनिया रेसीडेंसी को दूसरा और देवेंद्र रेसीडेंसी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है. वहीं अगर बिहार के सरकारी दफ्तरों की बात की जाये तो पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन को पहले, अरण्य भवन को दूसरे और सरदार पटेल भवन यानी कि पुलिस मुख्यालय को तीसरे स्थान पर रखा गया है.