ब्रेकिंग
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बेगूसराय की कोर्ट में किया सरेंडर, अदालत से मिली राहत; क्या है मामला?बांकीपुर उपचुनाव: पार्टी उम्मीदवार वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर भड़के तेज प्रताप यादव, जानिए..क्या बोले JJD चीफ?बिहार की कोर्ट का अहम फैसला: दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, तीन मासूमों की तस्करी का मामलाटीबी मुक्त बिहार अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, 14 अगस्त तक 1 करोड़ लोगों की होगी स्क्रीनिंग; NCC कैडेट संभालेंगे मोर्चाBihar Bhumi: बिहार के अंचल अधिकारी हुए आउट ऑफ कंट्रोल ! इस CO ने पिछले महीने ही 'सरकारी जमीन' का कर दिया 'दाखिल खारिज', वायरल हुआ म्यूटेशन ऑर्डरकांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बेगूसराय की कोर्ट में किया सरेंडर, अदालत से मिली राहत; क्या है मामला?बांकीपुर उपचुनाव: पार्टी उम्मीदवार वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर भड़के तेज प्रताप यादव, जानिए..क्या बोले JJD चीफ?बिहार की कोर्ट का अहम फैसला: दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, तीन मासूमों की तस्करी का मामलाटीबी मुक्त बिहार अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, 14 अगस्त तक 1 करोड़ लोगों की होगी स्क्रीनिंग; NCC कैडेट संभालेंगे मोर्चाBihar Bhumi: बिहार के अंचल अधिकारी हुए आउट ऑफ कंट्रोल ! इस CO ने पिछले महीने ही 'सरकारी जमीन' का कर दिया 'दाखिल खारिज', वायरल हुआ म्यूटेशन ऑर्डर

पटना HC का बड़ा फैसला : अब VRS वाले चौकीदार के वारिस को नहीं मिलेगी नौकरी, रद्द हुआ प्रावधान

PATNA : बिहार सरकार के तरफ से वर्षों से चले आ रहे प्रविधान को पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अब सेवानिवृत्ति से एक माह पहले तक स्वैच्छिक रूप से पदत्याग करने वाले यानि वीआरएस लेन

पटना HC का बड़ा फैसला : अब VRS वाले चौकीदार के वारिस को नहीं मिलेगी नौकरी, रद्द हुआ प्रावधान
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : बिहार सरकार के तरफ से वर्षों से चले आ रहे प्रविधान को पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अब सेवानिवृत्ति से एक माह पहले तक स्वैच्छिक रूप से पदत्याग करने वाले यानि वीआरएस लेने वाले चौकीदार के वारिस को उनकी नौकरी नहीं मिलेगी। इसके आलोक में सरकार ने सभी डीएम को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। 


दरअसल, अबतक राज्य में गृह विभाग की ओर से यह व्यवस्था थी कि 20 साल की सेवा अवधि पूरा करने वाले कोई चौकीदार सेवानिवृत्ति से एक माह पहले अपनी मर्जी से पद छोड़ते हैं तो उनके उत्तराधिकारी को उनकी जगह बहाल कर लिया जाएगा। इसके लिए कम से कम 55 साल से अधिक उम्र वाले चौकीदारों को इच्छा व्यक्त करते हुए किसी वारिस को नाम लिख कर डीएम को आवेदन देना होता था। इसके आधार पर उनके द्वारा चयनित वारिस की बहाली चौकीदार के पद पर हो जाती थी। लेकिन, अब पटना पटना हाईकोर्ट के द्वारा इस प्रविधान को रद्द कर दिया है। 


मालूम हो कि, भागलपुर के एकचारी के देवमुनि पासवान की विशेष अनुमति याचिका (एलपीए) पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट के दो जजों ने इसपर फैसला सुनाया। न्यायाधीश पीबी बनर्जी एवं अरुण कुमार झा ने जारी आदेश में कहा कि बिहार सरकार के गृह विभाग का यह प्रविधान संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। कोर्ट ने आश्चर्य जताया कि आजादी के 75 साल बाद भी संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है। चौकीदार का पद पब्लिक का पोस्ट है। इस पद पर बहाली की प्रक्रिया को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के अनुरूप होना चाहिए।


इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने गृह विभाग के उस प्रावधान को निरस्त करने का आदेश दिया जो सेवानिवृत्त होने वाले चौकीदार की जगह उत्तराधिकारी को बहाल कर दिया जाता था। पटना हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य के 38 जिले में फरवरी 2023 के बाद सेवानिवृत्त होने चौकीदार के उत्तराधिकारी को यह लाभ नहीं मिल सकेगा। हालांकि, पूर्व में इस आधार पर दी गई नौकरी को लेकर अभी कुछ नहीं कहा गया है।