1st Bihar Published by: Updated Jul 25, 2021, 8:54:30 AM
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PATNA : पंचायती राज विभाग ने अधिकारियों को पंचायतों का ऑडिट समय पर नहीं कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. सरकार ने इसके लिए डेडलाइन भी तय कर ली है. पंचायती राज संस्थाओं को सरकार द्वारा दी गई विकास राशि का वार्षिक तौर पर योजना बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को जमा करना है. पर समय पर यह काम नहीं हो पा रहा है. यह देखते हुए पिछले वित्तीय वर्ष के उपयोगिता प्रमाण पत्र देने की समय-सीमा तय करते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
साथ ही यह भी कहा गया है कि ऑडिट में लगे पंचायत कर्मियों को आगामी पंचायत चुनाव के प्रबंधन से अलग रखा जाए. समय सीमा तय करते हुए जिला पंचायती राज पदाधिकारियों से कहा गया है कि पंचायत सचिव, लेखापाल, सह आईटी सहायक या प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों में से किसी भी स्तर से काम में कोताही हो तो उनका वेतन रोकें और अनुशासनिक कार्रवाई करें. जिला पंचायत राज पदाधिकारी और को भी चेताया गया है कि उनके स्तर से काम में देरी होने पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने सभी पंचायती राज पदाधिकारियों से कहा है कि वह अपने अपने जिले के त्रिस्तरीय पंचायत संस्थाओं के वित्तीय वर्ष 2018-19 का उपयोगिता प्रमाण पत्र 5 अगस्त तक उपलब्ध कराएं. वर्ष 2019-20 का उपयोगिता प्रमाण पत्र 31 अक्टूबर तक और वर्ष 2020-21 का उपयोगिता प्रमाण पत्र अगले साल 31 जनवरी अक किसी भी सूरत में विभाग के पास भेजें.