ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अररिया दौरा, सहयोग शिविर का करेंगे निरीक्षण; समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधानखान सर की अग्रिम जमानत पर फैसला आज, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी कोर्ट सुनाएगा आदेश; मिलेगी राहत?जीतन राम मांझी का नया राग: SC-ST के लिए अलग निर्वाचक मंडल की वकालत की, बोले- ऊंची जाति वाले लोग..बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव: निष्पक्ष चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर, 21 कोषांग, 42 सेक्टर पदाधिकारी तैनात, 422 बूथों पर कड़ी निगरानीबिहार में मानसून की दमदार वापसी: 12 जुलाई तक भारी बारिश का हाई अलर्ट, कई जिलों में चेतावनीमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अररिया दौरा, सहयोग शिविर का करेंगे निरीक्षण; समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधानखान सर की अग्रिम जमानत पर फैसला आज, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी कोर्ट सुनाएगा आदेश; मिलेगी राहत?जीतन राम मांझी का नया राग: SC-ST के लिए अलग निर्वाचक मंडल की वकालत की, बोले- ऊंची जाति वाले लोग..बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव: निष्पक्ष चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर, 21 कोषांग, 42 सेक्टर पदाधिकारी तैनात, 422 बूथों पर कड़ी निगरानीबिहार में मानसून की दमदार वापसी: 12 जुलाई तक भारी बारिश का हाई अलर्ट, कई जिलों में चेतावनी

नर्सिंग छात्राओं ने IGIMS में किया प्रदर्शन, स्टाइपेंड देने की मांग

PATNA: स्टाइपेंड दिये जाने की मांग को लेकर पटना के IGIMS में नर्सिंग छात्राओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान नर्सिंग छात्राओं ने अस्पताल प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन के खिल

नर्सिंग छात्राओं ने IGIMS में किया प्रदर्शन, स्टाइपेंड देने की मांग
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: स्टाइपेंड दिये जाने की मांग को लेकर पटना के IGIMS में नर्सिंग छात्राओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान नर्सिंग छात्राओं ने अस्पताल प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्राओं का कहना था कि पढ़ाई के दौरान काम करने के बाद इन्हें स्टाइपेंड से वंचित रखा गया है। 


छात्राएं जब आज कॉलेज प्रशासन से मिलने गई थी तब उनसे एक हफ्ते का समय लिया गया। कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद सभी छात्राएं काम पर लौट आई हैं। जीएनएम छात्राओं का कहना था कि 3 साल की पढ़ाई की अवधि समाप्त होने वाली है। स्टाइपेंड के तौर पर हर महीने 1500 रुपया दिया जाना था जो आज तक उन्हें नहीं मिल पाया है। स्टाइपेंड की मांग को लेकर आज छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद उनसे एक सप्ताह का समय मांगा गया। कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्राएं अपने-अपने काम पर लौट आई हैं।