1st Bihar Published by: Updated Fri, 27 Mar 2020 10:56:26 PM IST
- फ़ोटो
PATNA : कोरोना संकट से जूझ रहे बिहार की जनता के लिए नीतीश सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। लगातार सरकारी योजनाओं का फायदा गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है लेकिन नियोजित शिक्षकों को अब तक वेतन नहीं मिला है हद तो यह है कि सरकार नियोजित शिक्षकों को वेतन देने की वजह उनके पेंशन स्कीम की फिक्र कर रही है। नीतीश सरकार ने नियोजित शिक्षकों के लिए रिटायरमेंट बेनिफिट पेंशन फंड स्कीम को लेकर दो करोड़ 20 लाख रूपए की राशि जारी की है।
शिक्षा विभाग के उप सचिव अरशद फिरोज ने बिहार के महालेखाकार को पत्र लिखते हुए यूटीआई की तरफ से चलाई जा रही रिटायरमेंट बेनिफिट पेंशन फंड स्कीम के लिए कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपए जारी किए जाने को लेकर पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि नियोजित शिक्षकों की तरफ से पेंशन बेनिफिट स्कीम के लिए 2 सौ रुपये प्रति माह जमा कराए जाते हैं जबकि राज्य सरकार 2 सौ रुपये अंशदान के तौर पर देती है। 59 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद अंशदान बंद कर दिया जाता है और बाद में नियोजित शिक्षकों को इसका लाभ मिलता है।
कोरोना संकट शुरू होने के पहले हड़ताल पर जाने वाले बिहार के लगभग साढे तीन लाख से ज्यादा नियोजित शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है लेकिन सरकार वेतन की बजाय पेंशन स्कीम को लेकर राशि जारी कर रही है।