Dharmendra mortality : क्या ईशा और अहाना को मिलेगी धर्मेंद्र की संपत्ति में हिस्सेदारी? करीबी सूत्र ने बताया पूरा सच Bihar Crime News: बिहार में यहाँ अपराधियों ने व्यवसायी के स्टाफ को मारी गोली, डेढ़ लाख रुपए लूटकर हुए फरार.. Bihar Police Action : मोतिहारी में NIA की बड़ी कार्रवाई: साइबर फ्रॉड और हवाला कारोबार में नेपाल निवासी पति गिरफ्तार Bihar Teacher: बिहार के ऐसे शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा, दोषी पाए जाने पर वेतन भी वसूलेगी सरकार Mahila Rojgar Scheme 2025 : आपके भी खाते में अभी तक नहीं पहुंचें हैं 10 हज़ार रुपए, तो जानिए क्या है इसके पीछे की वजह; अभी बैंक जाकर करवा लें यह काम Bihar News: बिहार में बिजली बिल न भरने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, विभाग के विशेष प्लान के बाद मचा हड़कंप Patna cart rules : "पटना में फल-सब्जी के ठेले लगाने का समय बदला, दिसंबर में इन जगहों पर चलेगा बुलडोज़र; शहर की सड़कों को किया जाएगा साफ़ Bihar teacher recruitment : बिहार के इन टीचरों की चली जाएगी नौकरी,सैलरी भी करना होगा वापस; आ गया शिक्षा विभाग का आदेश Bihar Revenue Reforms : जमीन से जुड़े काम होंगे आसान! अब हर अंचल कार्यालय में बैठेंगे डिजिटल सहायक, मिलेगी तुरंत ऑनलाइन सेवा Bihar road widening : बिहार में सड़कें चौड़ी करने की बड़ी जरूरत, एनएच-एसएच और एमडीआर में चार लेन का प्रतिशत बेहद कम
1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 21 Oct 2023 01:35:13 PM IST
- फ़ोटो
PATNA: बिहार में शिक्षक नियुक्ति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बिहार की सरकार जहां इसे अपनी उपलब्धि बता रही है और लाखों युवाओं को नौकरी देने का दावा कर रही है तो वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था इस कदर से ध्वस्त हो चुकी है कि बहाली निकालने के बावजूद अच्छे शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। अब राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शिक्षकों की बहाली को लेकर सवाल उठाया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि बिहार सरकार के दावों की हकीकत अब सामने आने लगी है। उन्होंन कहा है कि बिहार की सरकार लाखों नौकरियों का दावा कर रही है, जो पूरी तरह से खोखला साबित हो रही है। कुशवाहा ने कहा है कि शिक्षक अभ्यर्थियों के आरोपों को अगर सही ढंग से समझा जाए तो लाखों नौकरी की सच्ची कहानी सामने आ जाएगी।
कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि, ‘नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव द्वारा किए जा रहे बिहार में लाखों नौकरी के दावों की असलियत अब सामने आने लगी है। शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के आरोपों को समझेंगे तो लाखों नौकरी की सच्ची कहानी सामने आ जाएगी’।
उपेंद्र कुशवाहा ने आगे लिखा, ‘ज्यादातर पूर्व से नियोजित शिक्षकों को ही बीपीएससी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति मिलनी है। ये संख्या कुल भर्ती का लगभग 25 प्रतिशत है। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या बहुत ज्यादा है जो प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक तीनों में या एक से ज्यादा वर्गों में सफल दिखाए गए हैं। शिक्षक भर्ती में तमाम राज्यों की भांति बिहार सरकार ने भी डोमिसाइल नीति लागू करने की घोषणा की थी। जिसे उन्होंने न निभाकर भर्ती को अन्य राज्यों के लिए खोल दिया’।