ब्रेकिंग
बिहार में भ्रष्टाचार पर एक्शन: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार CO सस्पेंड, मंत्री बोले- नहीं बचेंगे एक भी भ्रष्टाचारी19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिली डिंपल यादव, 20 जुलाई के मार्च में युवाओं को शामिल होने की अपीलपुरी जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत; 200 से अधिक घायल, भक्तों के बीच भारी अफरा-तफरीपटना में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डोरी खींचकर किया शुभारंभमुजफ्फरपुर में उफान पर बागमती: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, थाना और स्कूल परिसर में घुसा नदी का पानी; जिला प्रशासन अलर्टबिहार में भ्रष्टाचार पर एक्शन: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार CO सस्पेंड, मंत्री बोले- नहीं बचेंगे एक भी भ्रष्टाचारी19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिली डिंपल यादव, 20 जुलाई के मार्च में युवाओं को शामिल होने की अपीलपुरी जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत; 200 से अधिक घायल, भक्तों के बीच भारी अफरा-तफरीपटना में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डोरी खींचकर किया शुभारंभमुजफ्फरपुर में उफान पर बागमती: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, थाना और स्कूल परिसर में घुसा नदी का पानी; जिला प्रशासन अलर्ट

नीतीश से जिसने लिया पंगा वो कहीं के नहीं रहे, क्या प्रशांत-पवन का होगा वही हाल

PATNA: बिहार की राजनीति में कहा जाता है कि जिसने भी नीतीश कुमार से पंगा लेने की कोशिश की वह कहीं के नहीं रहे हैं. प्रशांत किशोर और पवन वर्मा से पहले भी कई जदयू के सीनियर नेताओ

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: बिहार की राजनीति में कहा जाता है कि जिसने भी नीतीश कुमार से पंगा लेने की कोशिश की वह कहीं के नहीं रहे हैं. प्रशांत किशोर और पवन वर्मा से पहले भी कई जदयू के सीनियर नेताओं को इसी तरह से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है. वह आज कही के नहीं हैं.

लंबी है सूची

जदयू में यह साफ है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले भी जदयू में सिर्फ नीतीश कुमार की ही चली है और जिसने नीतीश का विरोध करना शुरू किया उनका बुरा हाल राजनीति में हुआ है. इसमें शरद यादव, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी, उदय नारायण चौधरी, अली अनवर, साबिर अली, वृषिण पटेल, नरेंद्र सिंह, अनंत सिंह, शिवानंद तिवारी, दाउद अली समेत सैकड़ों नेताओं के नाम हैं जो नीतीश के साथ रहते हुए जब विरोध करना शुरू किया तो उनको ठिकाने लगा दिया गया. इसमें कई दिग्गज नेता भी थे. इनमें से कई नेताओं ने आज अपनी अलग पार्टी बना ली है, लेकिन यह सिर्फ संतोष करने भर के लिए ही है. 


पवन प्रशांत का भी यही होगा हाल

उसका ताजा उदाहरण प्रशांत किशोर और पवन वर्मा हैं. अब देखना है कि पवन वर्मा और प्रशांत किशोर के साथ राजनीति में क्या होगा. दोनों क्या कोई पार्टी में शामिल होंगे या नीतीश को चुनौती देने के लिए कोई मिलकर रणनीति बनाएंगे. दोनों पिछले कई दिनों से लगातार सीएए और एनआरसी को लेकर नीतीश को  घेर रहे थे. नीतीश पहले तो इसको हलके में लिए, लेकिन जब नीतीश का सब्र का बांध टूटा तो दोनों तुरंत पार्टी से निकाल दिया. 

टैग्स