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जल,जीवन और हरियाली बचाने को लेकर कवि बने सीएम नीतीश, कविता की मदद से बताया महत्व, राज्य भर में वन महोत्सव की हुई शुरुआत

1st Bihar Published by: 9 Updated Aug 01, 2019, 3:54:17 PM

जल,जीवन और हरियाली बचाने को लेकर कवि बने सीएम नीतीश, कविता की मदद से बताया महत्व, राज्य भर में वन महोत्सव की हुई शुरुआत

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PATNA:  जल, जीवन और हरियाली को बचाने के लिए बिहार भर में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. राजधानी के वेटनरी कॉलेज में सीएम नीतीश कुमार ने दीप जलाकर इस कार्यक्रम की शुरुआत की. यह कार्यक्रम सूबे के अलग-अलग जिलों में 15 दिनों तक चलेगा. पेड़ों की कटाई पर सीएम की चिंता इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिस ढंग से विश्व में विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई हो रही है, भवन बनाए जा रहे हैं, उद्योग लगाए जा रहे हैं उससे पर्यावरण पर संकट पैदा हो रहा है. सीएम नीतीश कुमार पिछले दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके कॉलेज के समय में राज्य में औसतन 1200 से 1500 मिलीमीटर वर्षा होती थी. उन्होंने कहा कि अगर हम पिछले 13 सालों में हुई वर्षा पर गौर करें तो अब महज 900 मिलीमीटर वर्षा सूबे में हो रही है. उन्होंने कहा कि कभी कम वर्षा हो रही है, जबकि कभी फ्लैश फ्लड की हालत पैदा हो रही है. 'लोगों में बढे़ पर्यारवण जागरुकता' मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ायी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि पर्यावरण को लेकर पिछले दिनों सभी दलों के विधायकों और विधानपार्षदों की एक बैठक हुई थी जिसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए जन अभियान चलाए जाने को लेकर सहमति बनी थी. राज्य में बढ़ा हरित आवरण क्षेत्र वन महोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत करने के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यावरण बचाने को लेकर उनकी सरकार के काम को भी याद किया और कहा कि पहले राज्य में हरित आवरण क्षेत्र 8 फीसदी भी नहीं था, लेकिन अब यह 15 फीसदी तक पहुंच गया है. सीएम ने कहा कि वन महोत्सव के दौरान राज्य में डेढ़ करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इस दौरान सीएम ने खासकर युवाओं से पर्यावरण को बचाने को लेकर आगे आने की अपील  की. पटना से राहुल सिंह की रिपोर्ट