ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Politics: अचानक सरकारी अस्पताल पहुंच गईं मंत्री लेशी सिंह, डॉक्टर से लेकर नर्स तक ड्यूटी से मिले फरार; बदहाली देखकर भड़कीं Bihar Politics: अचानक सरकारी अस्पताल पहुंच गईं मंत्री लेशी सिंह, डॉक्टर से लेकर नर्स तक ड्यूटी से मिले फरार; बदहाली देखकर भड़कीं Bihar Assembly session: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने कसी कमर, DM-SSP ने सुरक्षा का लिया जायजा Bihar Assembly session: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने कसी कमर, DM-SSP ने सुरक्षा का लिया जायजा Bihar News: बिहार की 100 साल पुरानी इस ऐतिहासिक धर्मशाला को होगा कायाकल्प, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा Bihar News: बिहार की 100 साल पुरानी इस ऐतिहासिक धर्मशाला को होगा कायाकल्प, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा Patna news: आईएसएम पटना के 13वें दीक्षांत समारोह का आयोजन, पीजीडीएम स्नातक हुए सम्मानित Patna news: आईएसएम पटना के 13वें दीक्षांत समारोह का आयोजन, पीजीडीएम स्नातक हुए सम्मानित Bihar Crime News: न पासपोर्ट और ना ही वैध वीजा, बिहार में ट्रेन की जनरल बोगी से पकड़ा गया विदेशी नागरिक BIHAR NEWS : ज्वेलरी दुकान में लाखों की चोरी, दुकानदारों का सड़क जाम से प्रदर्शन; मचा हडकंप

हॉस्पिटल में आशा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, मरीज को लेकर हुआ विवाद

1st Bihar Published by: Pranay Raj Updated Sun, 13 Oct 2019 05:59:18 PM IST

हॉस्पिटल में आशा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, मरीज को लेकर हुआ विवाद

- फ़ोटो

NALNDA:  बिहारशरीफ सदर अस्पताल में उस वक्त एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला जब मरीज को लेकर दो महिला आशा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गई. दोनों के बीच जमकर लात और घूंसे चले. इस दौरान एक आशा कार्यकर्ता मामूली रूप से जख्मी हो गई. 

जख्मी आशा कार्यकर्ता ने बताई कि पास के दवा दुकानदार का रिश्तेदार प्रसव कराने आया था. जिसका हाल-चाल जानने वह पहुंची थी इसी दौरान पूर्व से बैठी एक अन्य आशा कार्यकर्ता से तू तू मैं मैं और गाली गलौज के बाद मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच लात-घूंसे चलने लगे.

भर्ती मरीज के परिजनों और कर्मियों के सहयोग से दोनों को हटा दिया गया. जिसके बाद यह मामला शांत हुआ. बता दें कि बिहार शरीफ सदर अस्पताल से मरीजों को निजी क्लीनिक में ले जाने के लिए आए दिन आशा कार्यकर्ता आपस में भिड़ जाती हैं. अगर कोई कर्मी इसका विरोध करता है तो उसे झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी दिया करता है. यही कारण है कि जब ये लोग सदर अस्पताल से मरीज को निजी क्लीनिक में भेजते हैं तो कोई इसका विरोध नहीं करता है.