नल-जल योजना में ठेका मामले पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा, कहा- 2020 में जब मामले का खुलासा हुआ तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

नल-जल योजना में ठेका मामले पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा, कहा- 2020 में जब मामले का खुलासा हुआ तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

PATNA: बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद की बहू, साले और दूसरे परिजनों को सरकारी नल-जल योजना का 58 करोड़ का ठेका दिये जाने का मामला सामने आने के बाद तेजस्वी यादव ने कल यानी बुधवार को तीखा हमला बोला था। तेजस्वी ने कहा था कि वे भ्रष्टाचार के इस खेल के और तथ्यों को सबसे सामने रखेंगे और डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद को बेनकाब करेंगे। बिहार के डिप्टी सीएम तारकेश्वर प्रसाद को लेकर तेजस्वी यादव के पास जो साक्ष्य मौजूद थे उसे सबके सामने रखा गया। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज प्रेस को संबोधित किया।  


10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस घोटाले का प्रर्दाफाश राम प्रकाश महतो ने की थी। अगस्त 2020 में पहली बार राम प्रकाश महतो ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया लेकिन उसके बाद कोई जांच नहीं हुई। जांच नहीं होने के बाद फरवरी 2021 को राम प्रकाश महतो ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस संबंध में पत्र लिखा और पूरे मामले को रखा लेकिन तब भी इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया गया।


तेजस्वी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों के घरों तक जल तो नहीं पहुंचा लेकिन कुछ नेताओं के बैंक खातों तक धन जरूर पहुंच गया है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि इस मामले पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया कि वे 50 पंचायतों का नाम बता दें जहां यह नल जल योजना ढंग से काम कर रहा हो। 


तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू और बीजेपी के नेता और उनके परिजनों को इसकी बागडोर सौंपी गयी है। उन्हें इस योजना का ठेका दिया गया जबकि नियमावली यह है कि अनुभवी व्यक्ति को ही इसका ठेका दिया जाना है। लेकिन जिनके पास इस काम का कोई अनुभव नहीं है उन्हें यह ठेका दे दिया गया। तारकिशोर प्रसाद के दामाद, पुत्र वधु और साले को यह ठेका दिया गया।


तेजस्वी ने भ्रष्टाचार को लेकर सीएम नीतीश पर कई गंभीर आरोप लगाये। कहा कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। आरजेडी लगातार इस मामले को उठाती आ रही है। उपमुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को नल जल योजना का काम क्यों दिया गया। पीएचईडी डिपार्टमेंट बीजेपी के पास है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर भी तेजस्वी ने जमकर हमला बोला।


तेजस्वी ने कहा कि यह मामला बहुत ही गंभीर मामला है। नीतीश कुमार जी की आत्मा बंगाल की खाड़ी में डूब गयी है। जब बीजेपी के एमएलए ने कहा था कि बीजेपी के मंत्री बिना पैसे लेकर ट्रासफर पोस्टिंग नहीं करते हैं तब उन्होंने एक्शन क्यों नहीं लिया?  नीतीश कुमार उस वक्त भी चुप रहें और आज भी चुप्पी साध रखे हैं। इससे यह पता चलता है कि वे कमजोर हैं और डरे हुए हैं। मुख्यमंत्री पूरी तरीके से थक चुके है उनकी दिलचस्पी बिहार के कल्याण में नहीं हैं उनकी दिलचस्पी सिर्फ कुर्सी को बचाने में हैं।


नल जल योजना राज्य में नल धन योजना बन गई है। सबसे पहले हमारी पार्टी के नेता राम प्रकाश महतो ने इस मामले को उजागर किया था। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी थी। लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इससे यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री डर रहे हैं और भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। तेजस्वी का आरोप यह भी है कि डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद सुशील मोदी के कैंडिडेट हैं। उन्ही के इशारे पर यह सब हुआ। 


सभी जिलों में इसका ठेका जदयू और भाजपा नेताओं को दिया जा रहा है। जदयू और भाजपा के लोग चुनाव की तैयारी में लगे हैं उसके लिए वोट खरीदने को पैसा इकट्ठा करने का यह हथियार बन गया है। यह पूरा मामला जांच का विषय है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जांच नहीं कराएंगे। वह कोई एक्शन नहीं ले सकते। यह उनके बस की बात ही नहीं है। वे तो अनुकंपा वाले मुख्यमंत्री हैं और बैशाखी पर सरकार चला रहे हैं। उनके लोग ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। सृजन घोटाला, बालिका गृह कांड, सात निश्चय वाले काम में भी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। जदयू वालों को चुन-चुन कर ठेके दिये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को अपनी अंतरात्मा जगानी चाहिए।


तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी और जेडीयू के लोग घोटालों करें तो वे दूध के धुले हैं। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बीजेपी के विधायक ने खुद कहा था कि अधिकारी बिना घूस लिये कुछ नहीं करते। तेजस्वी ने कहा कि जब एक कांस्टेबल के पास से दस करोड़ की आमदनी के साथ आलीशान बंगला मिला है तो अधिकारी और मंत्री लेवल के लोग कितना भ्रष्टाचार किए होंगे। केवल छोटे लोगों को पकड़ा जाता है। बड़ी मछलियां नहीं पकड़ी जाती हैं।


वही राम प्रकाश महतो ने कहा कि इस मामले का उन्होंने खुलासा 2020 में उन्होंने किया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। सुशील मोदी और नीतीश जी को इस बात की जानकारी हैं। राम प्रकाश महतो ने मामले की जांच कराने की मांग की कही थी लेकिन जो पूरी नहीं हुई। राम प्रकाश महतो ने एक बार फिर कहा कि मामले की जांच करा ली जाए तभी दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। 


तेजस्वी ने कहा कि बिजनेस करना गुनाह नहीं है लेकिन इन लोगों का बिजनेस ही भ्रष्टाचार करना है। प्रोटोकॉल को तोड़ा गया यह बिजनेस नहीं भ्रष्टाचार है। पूरी देश और दुनियां को इनकी चाल और चरित्र के बारे में पता है। सरकार को इस मामले पर कार्रवाई करना चाहिए विपक्ष का काम आइना दिखाना है हम अपना काम बखूबी कर रहे हैं। यदि यही काम गैर बीजेपी और गैर जेडीयू करती तो अब तक तो ईडी और सीबीआई भी पहुंच गयी होती।