1st Bihar Published by: Updated Jun 17, 2020, 3:20:47 PM
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GAYA : कोरोना संकट की महामारी के बीच अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र में बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है. गया जिले में नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले इमामगंज क्षेत्र के बच्चे स्कूल बंद रहने के कारन ऑनलाइन क्लास कर पढाई कर रहे हैं. इस क्षेत्र में शिक्षक भी बच्चो को स्कूल में पढ़ने से डरते थे. आज उसी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे अपने अपने स्कूल के द्वारा चलाये जा रहे ऑनलाइन क्लास के माध्यम से अपनी पढ़ाई को जारी रखे हुए है.
फर्स्ट बिहार की टीम इस विशेष व्यवस्था को कवर करने पहुंची. गया का इमामगंज प्रखण्ड अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र कहा जाता है. कोरोना वायरस के चलते पिछले कई महीनो से सरकारी और गैर सरकारी सभी स्कूल बंद है और स्कूल बंद रहने के कारन बच्चो की पढाई दिक्कत हो रही है. इसी परेशानी को देखते हुए यहां के शिक्षकों ने अपने बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने की पहल शुरू की.
यहां देखिये संवाददाता पंकज की विशेष रिपोर्ट -
एक निजी स्कूल के शिक्षक ने बताया कि चुकी काफी पिछड़ा इलाका है. ऐसे में बेहतर शिक्षा देना किसी चुनोती से कम नही है. लॉकडाउन के दौरान से आज तक सभी स्कूल बंद हैं. ऐसे में स्कूल प्रबंधन के द्वारा विशेष app के माध्यम से शिक्षा देने में जुटे है. उन्होंने आगे कहा कि बच्चो को व्हाट्सएप्प, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया से दूर रखकर विशेष एप तैयार किया गया है. चुकी अगर यूट्यूब के माध्यम से अगर पढ़ाते तो यूट्यूब पर कोर्स के अलावे अन्य वीडियो भी खुलते है. जिससे बच्चो का भटकाव अन्य वीडियो की तरफ जा सकता है. ऐसे में एप के माध्यम से ऑनलाइन क्लासेज ली जा रही है. जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं काम करता है, वैसे छात्रों के लिए एप पर लर्निंग वीडियो अपलोड किया जाता है.