1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 04, 2026, 6:00:27 PM
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Bihar News: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित बगहा नगर में इस बार होली का त्योहार एक अनोखी घटना की वजह से खास बन गया। जहां एक ओर पूरा शहर रंगों और उत्साह में डूबा था, वहीं दूसरी ओर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित बस स्टैंड के पास एक पुराने बरगद के पेड़ पर दुर्लभ सफेद उल्लू दिखाई दिया। जैसे ही लोगों की नजर इस पक्षी पर पड़ी, वहां धीरे-धीरे भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते सैकड़ों लोग उस स्थान पर पहुंच गए और इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए उत्साहित नजर आए।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह उल्लू बार्न आउल प्रजाति का है, जिसे ग्रामीण इलाकों में ‘हवेली उल्लू’ भी कहा जाता है। इसका चेहरा दिल के आकार का होता है और पूरा शरीर हल्के सफेद या दूधिया रंग का दिखाई देता है। आमतौर पर यह पक्षी सुनसान जगहों, पुराने भवनों या जंगलों में पाया जाता है। ऐसे में शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में इसका दिखना लोगों के लिए आश्चर्य और कौतूहल का विषय बन गया।
होली जैसे शुभ अवसर पर सफेद उल्लू का दिखना कई लोगों ने शुभ संकेत के रूप में लिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार सफेद उल्लू को माता लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। कुछ बुजुर्गों ने इसे सुख-समृद्धि का संकेत बताते हुए हाथ जोड़कर नमन किया, तो वहीं युवाओं में इसकी तस्वीर लेने की होड़ मच गई। कई लोगों ने अपने मोबाइल से चित्र और वीडियो बनाकर इस पल को यादगार बना लिया।
माना जा रहा है कि यह पक्षी पास के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों से भटककर भोजन की तलाश में शहर की ओर आ गया होगा। यह प्रजाति मुख्य रूप से चूहों और छोटे जीवों का शिकार करती है, इसलिए इसे किसानों का मित्र भी माना जाता है। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृंतकों की संख्या कम करने में इसकी अहम भूमिका होती है।
हालांकि, जैसे-जैसे बस स्टैंड परिसर में भीड़ बढ़ती गई, पक्षी की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ने लगी। शोर-शराबे और भीड़ से उसके असहज होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से अपील की है कि इस दुर्लभ ‘मेहमान’ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाए, ताकि वह सुरक्षित रह सके।