1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Sep 05, 2023, 1:45:21 PM
- फ़ोटो
BEGUSARAI: बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद अब बेगूसराय में भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है। वरिष्ठ अधिवक्ता और मुंगेर भाजपा के संगठन प्रभारी अमरेंद्र कुमार अमर ने मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी की कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया है। आरोप लगाया है कि उदयनिधि के सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवाद बयान के कारण पूरे देश के हिंदुओं की भावना को ठेस पहुंची है।
दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और राज्य में मंत्री उदयनिधि ने पिछले दिनों सनातन धर्म को खत्म करने की बात कहते हुए इसकी तुलना मलेरिया, डेंगू, कोरोना जैसी बीमारी से की थी और कहा था कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि नष्ट कर देना चाहिए। तमिलनाडु प्रगतिशील लेखक एवं कलाकार संघ द्वारा आयोजित की गई बैठक को तमिल में संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म का उल्लेख 'सनातनम' के तौर पर किया था। उन्होंने कहा, सनातनम क्या है? यह संस्कृत भाषा से आया शब्द है। सनातन समानता और सामजिक न्याय के खिलाफ होने के अलावा कुछ नहीं हैं।
उदयनिधि के इस विवादित बयान के बाद पूरे देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और मुंगेर भाजपा के संगठन प्रभारी अमरेंद्र कुमार अमर ने मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी की कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया है। आरोप है कि उदयनिधि ने सोची समझी साजिश के तहत बीते दो सितंबर को चेन्नई में उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से करते हुए कहा था कि इसका विरोध नहीं बल्कि, इसे पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए। इस बयान से हिंदू धर्म के करोड़ों लोगों का अपमान हुआ है और उनकी भावना को ठेस पहुंची है। कोर्ट ने अधिवक्ता के परिवाद को स्वीकार कर लिया है और मामले पर चेहल्लुम के बाद सुनवाई होगी।