1st Bihar Published by: 7 Updated Jul 31, 2019, 5:25:14 PM
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PATNA : विश्व स्तनपान सप्ताह के आयोजन को लेकर सरकार ने लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि 1- 7 अगस्त तक मनाये जाने वाले स्तनपान सप्ताह के दौरान राज्य के सरकारी अस्पतालों में दूध की बोतल नहीं दी जाएगी. बच्चों के सर्वांगीण मानसिक एवं शारीरिक विकास में स्तनपान की भूमिका अहम होती है. बच्चों के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार के साथ ही उसका मौलिक अधिकार भी है. स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. जिसको लेकर सदर अस्पताल और रेफरल अस्पतालों में दूध वितरित करने की सेवा बंद की जाएगी. सरकार ने फैसला किया है कि सूबे के हर एक अस्पतालों में स्तनपान वॉर्ड बनाया जायेगा. विशेषज्ञों के अनुसार मां का दूध बच्चे को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण जैसी जानलेवा बिमारियों से बचाता भी है. जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान शुरू कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तक की कमी लायी जा सकती है. छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया के खतरे में क्रमश: 11 प्रतिशत और 15 प्रतिशत कमी लायी जा सकती है.