ब्रेकिंग न्यूज़

vikramshila setu : विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल के अप्रोच रोड के लिए कम पड़ी जमीन; मंत्रालय ने LAO को लिखा पत्र Bihar News: गयाजी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा एक्शन, शहर के पॉश इलाके में चला बुलडोजर Bihar News: गयाजी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा एक्शन, शहर के पॉश इलाके में चला बुलडोजर Bihar Assembly Session: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की तैयारियां तेज, इस बार डिजिटल माध्यम से होगी सदन की कार्यवाही Bihar Assembly Session: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की तैयारियां तेज, इस बार डिजिटल माध्यम से होगी सदन की कार्यवाही Bihar Parali Ban : बिहार में पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई Bihar prohibition law : शराबबंदी कानून पर कड़ा रुख: हाईकोर्ट ने जब्त गाड़ी- बाइक दोनों मामलों में मालिक के पक्ष में दिया फैसला Bihar Crime News: बिहार में जीजा ने साले को मारी गोली, बहन को विदा कराने पहुंचा था युवक Bihar Crime News: बिहार में बाइक सवार युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Patna Metro : पटना मेट्रो अपडेट: भूतनाथ रोड से मलाही पकड़ी तक सेवा 20 दिसंबर से शुरू, पूर्वी पटना को बड़ी राहत

मिड डे मील योजना में बड़े घोटाले का खुलासा, 42 हेडमास्टर नपे, तीन माह में चुकाने होंगे 16 लाख रुपए

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Aug 2024 12:34:32 PM IST

मिड डे मील योजना में बड़े घोटाले का खुलासा, 42 हेडमास्टर नपे, तीन माह में चुकाने होंगे 16 लाख रुपए

- फ़ोटो

PATNA : बिहार के सरकारी स्कूलों में हुए बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। राज्य के अंदर सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल के नाम पर एक बड़ा घोटाला किया जा रहा था। जिसका अब खुलासा हुआ है। इसके तहत राज्य के अंदर कई सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन खानेवाले बच्चों की संख्या बढ़ाकर सरकारी पैसों की लूट का खुलासा हुआ है। इसके बाद ऐसे 46 प्रधानाध्यापकों की पहचान की गयी है। जिन्होंने स्कूलों में मध्याह्न भोजन खानेवाले बच्चों की संख्या बढ़ाकर दिखाया है। 


 वहीं, शिक्षा विभाग ने अब ऐसे प्रधानाध्यापकों से राशि की वसूली करने का फैसला किया है। विभागीय जानकारी के अनुसार विभाग कुल 46 प्रधानाध्यापकों से कुल 16 लाख रुपये की वसूली करेगा। दरअसल, शिक्षा विभाग द्वारा बनाए गए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में शिकायत आयी थी कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन खानेवाले बच्चे काफी कम रहते हैं, पर इनकी संख्या को बढ़ाकर रिपोर्ट तैयार की जाती है। इसके बाद निदेशालय ने संबंधित जिलों के पदाधिकारियों को भेजकर स्कूलों में औचक जांच करायी और जांच के दौरान यह बातें सही पाई गई। उसके बाद अब एक्शन लिया गया है। 


बताया जा रहा है क, शिक्षा विभाग में बने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर अलग -अलग जगहों से शिकायतें आयी थीं। उसके बाद विभाग के निर्देश पर मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने इसकी जांच करायी तो कई शिकायतें सही पायी गयीं। सबसे बड़ी बात है कि कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में कुल 997 शिकायतें मध्याह्न भोजन से संबंधित आयीं। 


इसके बाद  विभागीय जांच में पाया गया कि प्रधानाध्यापकों ने बच्चों की वास्तविक संख्या में छेड़छाड़ किया। जितने बच्चों खाना खिलाया गया उससे अधिक की रिपोर्ट भेजी गयी। इस दौरान 42 स्कूलों के हेडमास्टर की पहचान की गयी। जबकि कुछ अन्य मामलों में 27 हेडमास्टर पर अनुशासिनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया। 


आपको बताते चलें कि बिहार में एमडीएम की गुणवत्ता की वजह से सरकारी स्कूल अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। शिक्षा विभाग के पास भारी संख्या में आ रही शिकायतों के बाद अब विभाग ने भी मिड डे मिल को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।