ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी केस: मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने परिजनों से की मुलाकात, 3 अगस्त को आयोग में अगली सुनवाई प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर बोले गिरिराज, कहा..बांकीपुर से कोई उम्मीदवार नहीं मिला तो 'अपने कच्छा पहनकर उतर गये'बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा, दो बाइक की सीधी टक्कर में तीन युवकों की मौत‘छुट्टे पैसे नहीं हैं तो बस से उतर जाओ’: कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया, फिर जो हुआ…बेगूसराय सड़क हादसे में मृतकों की संख्या हुई पांच, घायल युवक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़भरत भूषण तिवारी केस: मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने परिजनों से की मुलाकात, 3 अगस्त को आयोग में अगली सुनवाई प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर बोले गिरिराज, कहा..बांकीपुर से कोई उम्मीदवार नहीं मिला तो 'अपने कच्छा पहनकर उतर गये'बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा, दो बाइक की सीधी टक्कर में तीन युवकों की मौत‘छुट्टे पैसे नहीं हैं तो बस से उतर जाओ’: कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया, फिर जो हुआ…बेगूसराय सड़क हादसे में मृतकों की संख्या हुई पांच, घायल युवक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

‘महिला और दलित विरोधी हैं नीतीश.. उनका संस्कार गिर गया है’ मुख्यमंत्री पर श्रेयसी सिंह का हमला

PATNA: पांच दिवसीय बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। सत्र के शुरुआत से ही सदन की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ती रही। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के

‘महिला और दलित विरोधी हैं नीतीश.. उनका संस्कार गिर गया है’ मुख्यमंत्री पर श्रेयसी सिंह का हमला
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: पांच दिवसीय बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। सत्र के शुरुआत से ही सदन की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ती रही। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अमर्यादित बयान और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की भरी सदन में बेइज्जती करने को लेकर बिहार की सियासत गर्म हो गई है और चारों तरफ मुख्यमंत्री के बयानों कि निंदा हो रही है। अब बीजेपी की महिला विधायक श्रेयसी सिंह ने मुख्यमंत्री पर हमला बोला है। श्रेयसी सिंह ने नीतीश कुमार को महिला और दलित विरोधी बताया है।


बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा है कि पूर्व सीएम जीतनराम मांझी कभी गलत बात नहीं करते हैं लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस लहजे में सदन के भीतर उनसे बात की उसे कभी भी ठीक नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने नीतीश सरकार पर महिला विरोधी और दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार का संस्कार गिर गया है इसीलिए महिलाओं और दलितों को लेकर वे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने एक पूर्व सीएम के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया वह लोकतंत्र और संविधान दोनों के हिसाब से ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री न तो विधानसभा के नियमों का पालन करते हैं और ना ही स्पीकर की बात सुनते हैं। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सदन में जिस तरह से मुख्यमंत्री ने तथ्य को प्रस्तुत किया वह पूरी तरह से गलत है। वहीं मुख्यमंत्री पूर्व सीएम जीतनराम मांझी पर जिस तरह से आपे से बाहर हुए, दोनों ही चीजे पूरी तरह से गलत हैं।