लोको पायलट की सूझ-बूझ से टल गया बड़ा हादसा: आग लगने के 4 घंटे बाद तक पटरी पर दौड़ती रही मालगाड़ी

लोको पायलट की सूझ-बूझ से टल गया बड़ा हादसा: आग लगने के 4 घंटे बाद तक पटरी पर दौड़ती रही मालगाड़ी

GAYA: बिहार के गया जिले में किऊल रेलखंड पर लोको पायलट की सूझ-बूझ से आज बड़ा हादसा टल गया। बंधुआ-पैमार के पास कोयला लदी मालगाड़ी के डिब्बे में अचानक आग लग गयी। जिसके बाद मालगाड़ी करीब 4 घंटे तक पटरी पर दौड़ती रही। लेकिन इस घटना की जानकारी किसी को नहीं हुई। जब लोको पायलट को पता चला तो उसने सूझ-बूझ से काम लिया और बड़ा हादसा होने से बचा लिया। 


बताया जाता है कि बंधुआ स्टेशन से कोयला लदी मालगाड़ी खुली और जैसे ही पैमार स्टेशन के पास पहुंची उसमें आग की लपटे देखी गईं। बंधुआ स्टेशन से पैमार स्टेशन तक 4 घंटे तक मालगाड़ी पटरी पर दौड़ती रही। मालगाड़ी के वैगन में आग फैल गयी। जब इस बात की जानकारी लोको पायलट को हुई तब उसने सबसे पहले ट्रेन को रोका और बिजली के कनेक्शन को हटा दिया। फिर फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 


पैमार रेलवे स्टेशन के प्रबंधक ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 4 बजे कोयला लदी मालगाड़ी धनबाद से पहुंची थी। जिसे बाढ़-बरौनी पावर थर्मल प्लांट ले जाना था। लेकिन बंधुआ स्टेशन से खुलने के बाद मालगाड़ी के डिब्बे में आग लग गयी। चार घंटे तक आग लगी मालगाड़ी पटरी पर दौड़ती रही लेकिन इस बात की जानकारी किसी को नहीं थी। पैमार स्टेशन पर पहुंचने के बाद फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया। 


बता दें कि इससे एक दिन पहले बगहा में बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते बचा। ड्राइवर की सूझ-बूझ से ट्रेन को डिरेल होने से बचाया गया। कपलिंग में गड़बड़ी के कारण मालगाड़ी दो भाग में बंट गयी जिसके कारण काफी देर तक मुजफ्फरपुर-गोरखपुर रेलखंड पर रेल परिचालन बाधित हो गया। मालगाड़ी नरकटियागंज से बगहा जा रही थी तभी दो बोगी के बीच कपलिंग पिन टूटकर गिर गई। 


जिसके बाद मालगाड़ी के डिब्बे एक दूसरे से अलग हो गये। ड्राइवर ने ट्रेन की रफ्तार कम कर दी जिसके कारण ट्रेन डिरेल होने से बच गयी। ड्राइवर ने अपने सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बचा लिया। जिसके बाद ड्राइवर ने इस घटना की सूचना रेलवे के अधिकारियों को दी गयी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मचारियों ने अलग हुई बोगी को जोड़ा। जिसके बाद मालगाड़ी को रवाना किया गया। अन्य ट्रेनों का परिचालन भी शुरू किया गया।