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Bihar News: सोते समय सांप ने मासूम को डसा, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान

Bihar News: नवादा के जमुनदाहा गांव में एक 7 वर्षीय बच्ची की सर्पदंश से मौत हो गई। समय पर इलाज न मिलने और झाड़-फूंक में देरी के कारण बच्ची को बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने सर्पदंश के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।

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बिहार न्यूज
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar News: बिहार के नवादा के रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया पंचायत अंतर्गत फुलवरिया डैम पार स्थित जमुनदाहा गांव में गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक घटना घटी, जहां खाट पर सोए सात वर्षीय सपना कुमारी को सांप ने डस लिया। शुरुआत में परिजन सोच रहे थे कि सांप ने बेटे को डसा है, क्योंकि वह उसके पैर में लिपटा था। परिजन सांप को मारकर भगाने में सफल हुए और घायल बेटे को झाड़-फूंक कराने इधर-उधर ले जाने लगे। इसी बीच सपना की तबियत बिगड़ने लगी और तब उन्हें पता चला कि सांप ने बहन को डसा है। इसके बाद आनन-फानन में उसे अनुमंडलीय अस्पताल नवादा भर्ती कराया गया।


ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शैलेश कुमार ने बताया कि सपना को सुबह 7:20 बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन प्राथमिक उपचार के दौरान लगभग 7:50 बजे उसकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार सांप का जहर बच्चे के पूरे शरीर में फैल चुका था। यदि समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाया जाता और एंटी-स्नेक वेनम दिया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। डॉक्टर ने परिवारों को सावधानी बरतने की सलाह दी और कहा कि सर्पदंश के तुरंत बाद झाड़-फूंक जैसी गैर-वैज्ञानिक विधियों में समय बर्बाद न करें क्योंकि इससे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है और जीवन जोखिम में पड़ जाता है।


चिकित्सक ने बताया कि सांप काटने पर घायल व्यक्ति को स्थिर रखना चाहिए और जहर के फैलाव को रोकने के लिए उसे ज्यादा हिलाना नहीं चाहिए। साथ ही टाइट कपड़े और गहने उतार देना चाहिए ताकि रक्त संचार में बाधा न आए। अस्पताल पहुंचते ही तुरंत एंटी-स्नेक वेनम का इंजेक्शन लगवाना जरूरी है, जो जहर को प्रभावी रूप से रोकता है। सांप काटे गए स्थान पर नुकीली चीजों का प्रयोग न करें क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, घबराकर शराब, कैफीन या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि इससे जहर तेजी से शरीर में फैल सकता है।


यह दुखद घटना एक बार फिर सर्पदंश के प्रति सही जानकारी और त्वरित चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाने और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस दुखद घटना से इलाके में शोक का माहौल है और परिजन तथा स्थानीय लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता की मांग कर रहे हैं।