लॉकडाउन में बुरे फंसे बौद्ध भिक्षु, बोधगया में विदेशी करेंसी को कोई लेने वाला नहीं

लॉकडाउन में बुरे फंसे बौद्ध भिक्षु, बोधगया में विदेशी करेंसी को कोई लेने वाला नहीं

GAYA : कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन बुलाया गया है. आज लॉकडाउन का 16वां दिन है. जो लोग जहां थे 16 दिन से वहीं फंसे है. वहीं बोधगया के थाई मंदिर में 62 थाई पर्यटक और बौद्ध भिक्षु लॉकडाउन में फंसे हैं. थाई करेंसी रहने के कारण ये जरूरत का सामान भी नहीं खरीद पा रहे हैं.

लॉकडाउन में जहां एक तरफ लोग पैसे के अभाव में भूखे पेट सो रहे हैं तो वहीं  बोधगया के थाई बौद्ध मॉनेस्ट्री में पैसे रहने के बाबजूद भी जरूरत के सामानों की खरीददारी नहीं कर पा रहे है.  बोधगया के थाई बौद्ध मॉनेस्ट्री में थाई करेंसी का एक्सचेंज नहीं हो पाने से जरूरत की सामान की खरीददारी करने में परेशानी हो रही है. कुछ ही इंडियन करेंसी बचे है उसी से किसी तरह गुजारा करना पड़ रहा है. वहां फंसे पर्यटक का कहना है कि दुकानदार हमारे देश की करेंसी ले नहीं रहा है और  थाई करेंसी इंडियन करेंसी में एक्सचेंज भी नहीं हो रहा है. जिससे हमे पैसे रहते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.


वहीं थाई मॉनेस्ट्री के इंचार्ज ने बताया कि थाईलैंड के पर्यटक और बौद्ध भिक्षु सहित 62 लोग फंसे है. इसमें से कई लोगों का वीजा खत्म हो चुका है. वीजा एक्सटेंशन नहीं हो पा रहा है.  लॉकडाउन का फैसला भारत सरकार का  है लोग इसका पालन भी कर रहे है. लेकिन सरकार को लॉकडाउन के पहले व्यवस्था करनी चाहिए थी ताकि विदेशी पर्यटकों व दूसरे देशों से आये बौद्ध भिक्षु को यह परेशानी उठानी न पड़े.