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लालू यादव कहते थे- आईटी-वाईटी क्या है, बेटे थाली पीट रहे हैं, सुशील मोदी ने दिया तेजस्वी यादव को जवाब

1st Bihar Published by: Updated Sat, 06 Jun 2020 06:23:20 PM IST

लालू यादव कहते थे- आईटी-वाईटी क्या है, बेटे थाली पीट रहे हैं, सुशील मोदी ने दिया तेजस्वी यादव को जवाब

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PATNA : अमित शाह की डिजिटल रैली का विरोध कर रहे आरजेडी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को सुशील कुमार मोदी ने जवाब दिया है. सुशील मोदी ने कहा है कि जब देश में आईटी क्रांति हो रही थी तो तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद यादव कहते थे कि आईटी-वाईटी क्या है. ऐसा बोल कर लालू बिहार को 25 साल पीछे ले गये. तेजस्वी अपने पिता के पद चिह्न पर ही चल रहे हैं.


दरअसल बीजेपी कल से बिहार में अपने डिजिटल चुनावी अभियान की शुरूआत करने जा रही है. कल शाम 4 बजे अमित शाह दिल्ली में बैठकर बिहार के अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जनसंवाद करेंगे. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के मुताबिक अमित शाह के बिहार जनसंवाद का प्रसारण पार्टी के सोशल मीडिया चैनलों के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर टीवी स्क्रीन लगा कर भी करने का इंतजाम किया गया है. जिन कार्यकर्ताओं के पास स्मार्ट फोन या लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध है वे सीधे जुड़ेंगे. जिनके पास सुविधा नहीं होगी उनके लिए बड़े बड़े टीवी स्क्रीन लगाये जायेंगे. बीजेपी ने दावा किया है कि बिहार के कम से कम 2 लाख बीजेपी कार्यकर्ता और आम लोग अमित शाह की डिजिटल रैली से जुडेंगें.


उधर तेजस्वी यादव ने बीजेपी के इस कार्यक्रम का विरोध किया है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि एक तरफ जहां बीजेपी अमित शाह की वर्चुअल रैली का आयोजन करेगी, वहीं आरजेडी की ओर से इस दिन गरीब अधिकार दिवस मनाया जाएगा. इसके तहत भूखे गरीब, बेरोजगार और प्रवासी मजदूर सुबह 11 बजे से 11 मिनट तक थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. आपदा के इस दौर में सरकार के रवैए पर सभी गरीब प्रतिकार करेंगे. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में लोग कोरोना जैसी महामारी से परेशान हैं. गरीब भूखे पेट सो रहे हैं, उनके पास काम नहीं है लेकिन बीजेपी चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है. आरजेडी इसका कड़ा विरोध करेगी.


सुशील मोदी ने दिया तेजस्वी को जवाब
मीडिया से बात करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि अमित शाह चुनावी तैयारी के लिए नहीं बल्कि लोगों से संवाद करने के लिए डिजिटल तरीके से अपनी बात रखने जा रहे हैं. अगर आरजेडी और कांग्रेस को इससे विरोध है तो दोनों पार्टियां ये तय करे कि अगले तीन महीने तक वे कोई भी डिजिटल कार्यक्रम नहीं करेंगे. सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी अपने पिता के पदचिह्नों पर चल रहे हैं. देश में जब आईटी क्रांति हो रही थी तब लालू यादव कहते थे कि ये आईटी-वाईटी क्या है. इससे बिहार 25 साल पीछे चला गया. तेजस्वी बिहार को फिर से पीछे ले जाने की कोशिश में लगे हैं.


लालूवाद मतलब अंधकार-अराजकता और अपहरण
सुशील  मोदी ने कहा कि वैसे भी तेजस्वी ये कह रहे हैं कि वे लालूवाद फैला रहे हैं. ये लालूवाद क्या है. लालूवाद मतलब अंधकार, लालूवाद मतलब अराजकता, लालूवाद मतलब अपहरण. आरजेडी और कांग्रेस के लोग बिहार को उसी दौर में ले जाना चाहते हैं.


बीजेपी की मुहिम से चिढ रही हैं दूसरी पार्टियां
सुशील मोदी ने कहा कि बीजेपी ने बिहार में अपने डिजिटल तंत्र को काफी मजबूत कर लिया है. कोरोना संकट के दौरान भी पूरे बिहार के बीजेपी कार्यकर्ता डिजिटल तरीके से लगातार जुड़े रहे और लोगों तक पार्टी की बात पहुंचाते रहे. दूसरी पार्टियों को इससे ही डर लग रहा है. लेकिन बीजेपी को इसका बड़ा फायदा मिलने जा रहा है.