Hindi News / news / ‘लालू का पूरा परिवार सिर्फ अपने लिए जीता है, बिहार में परिवारवादी और...

‘लालू का पूरा परिवार सिर्फ अपने लिए जीता है, बिहार में परिवारवादी और जमींदारी व्यवस्था लाना चाहते हैं’ : सम्राट और विजय सिन्हा का लालू पर डबल अटैक

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 30, 2024, 9:55:33 AM

‘लालू का पूरा परिवार सिर्फ अपने लिए जीता है, बिहार में परिवारवादी और जमींदारी व्यवस्था लाना चाहते हैं’ : सम्राट और विजय सिन्हा का लालू पर डबल अटैक

- फ़ोटो

PATNA : झंझारपुर में अमित शाह के यह कहने पर कि लालटेन युग खत्म हो गया है, इसपर तेजस्वी ने कहा कि देश से मोदी युग समाप्त हो गया है। तेजस्वी के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने लालू फैमिली पर डबल अटैक किया है। 


तेजस्वी पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह लोकतंत्र है और हर किसी को बोलने का अधिकार है। इनके पिता जी तो रोज कह रहे हैं कि संविधान खतरे में है लेकिन उनको याद ही नहीं है कि 10 साल से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और भारत के निर्माण में लगे हैं और ये लोग भारत को लूटने में लगे हैं। लालू प्रसाद का पूरा परिवार सिर्फ अपने लिए जीता है।


वहीं डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव अपनी बोली से सिर्फ हवा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जमीनी हकीकत यही है कि जिस जातीय उन्माद को इन लोगों ने हवा दी थी, वह फेल हो गया है। उनके समाज के लोग भी अब उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते हैं। दो बार डिप्टी सीएम रह चुके हैं लेकिन इनके पास कोई विजन नहीं है। इनके द्वारा बिहार में कोई ऐसा काम नहीं किया गया कि बिहार का सम्मान देश के अंदर बढ़ सके। तेजस्वी यादव परिवारवादी जमींदारी व्यवस्था लाना चाहते हैं और जनता की गाढ़ी कमाई को लूटकर ऐश करना चाहते हैं। ऐसे लोगों की बातों पर कोई विश्वास नहीं कर सकता है।


लालू प्रसाद द्वारा पासी समाज की समस्याओं का समाधान करने के दावे पर विजय सिन्हा ने कहा कि लालू प्रसाद 15 साल सरकार में रह चुके हैं और अब चला-चली की बेला में वे धृतराष्ट्र बनकर पुत्र मोह में जनता को कितना झूठा आश्वासन देंगे। लालू प्रसाद अंतिम समय तो सच बोल दें कि बिहार और बिहारियों की बर्बादी और अपमान के लिए वे दोषी हैं और उन्हें लोगों से क्षमा मांगना चाहिए। लालू परिवार जबतक बिहार की राजनीति में रहेगा, बिहार का सम्मान नहीं बढ़ सकता।