1st Bihar Published by: Ranjan Kumar Updated Oct 14, 2023, 4:29:07 PM
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SASARAM: बिहार में जातीय गणना की रिपोर्ट जारी होने के साथ शुरू हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है।एक तरफ जहां सत्ताधारी दल जातीय गणना को सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ विरोधी दल आरोप लगा रहे हैं कि सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए आंकड़ों में फर्जीवाड़ा किया है। जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले दलों पर आरजेडी ने हमला बोला है।
बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और आरजेडी के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने उपेंद्र कुशवाहा तथा जीतन राम मांझी को अंबेडकर विरोधी बताया है और कहा है कि जब से जातीय गणना की रिपोर्ट आई है, कुशवाहा जैसे नेता बीमार पड़ गए हैं। भाजपा के साथ जाने वाले जितने भी दलित, पिछड़े नेता है, सभी को उन्होंने अंबेडकर विरोधी बताया और कहा कि आने वाले चुनाव में उन तमाम दलित, पिछड़े नेता जो भाजपा के साथ खड़े हैं, उनकी खटिया खड़ी हो जाएगी।
उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधते हुए कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का अपना इलेक्शन सिंबल भी नहीं है, वह खुद भाजपा के सिंबल से चुनाव लड़ने के लिए परेशान है। ऐसे में उनके राजभवन मार्च यह बताता है कि वह पिछड़ा, अति-पिछड़ा तथा दलित विरोधी हैं। बता दे कि सासाराम के एक निजी हाल में राष्ट्रीय जनता दल का अति पिछड़ा जागरूकता सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें उदय नारायण चौधरी के अलावा मंत्री और विधायक शामिल हुए।