1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 21, 2024, 8:31:46 PM
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PATNA: पिछले दिनों नालंदा के डीएम शशांक शुभंकर ने 23 जनवरी तक आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया था। वही छुट्टी से लौटने के बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने राज्य के सभी डीएम को इस आदेश को वापस लेने को कहा था। उन्होंने सभी डीएम से पूछा था कि सिर्फ स्कूल ही बंद रहेगा क्या?
कोचिंग संस्थान, सिनेमा हॉल, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान जैसे अन्य सार्वजनिक स्थानों को क्यों नहीं बंद किया गया। जब सीआरपीसी की धारा 144 लागू करने का आदेश दिया जाता है तब यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि ऐसा आदेश किसी न्यायिक जांच में पास होना चाहिए। इस तरह के आदेश को समानता की कसौटी पर खड़ा उतरना चाहिए। केके पाठक ने आगे कहा कि यह कैसी सर्दी या शीतलहर है जो सिर्फ स्कूलों पर ही गिरती है। कोचिंग संस्थानों पर नहीं गिरती। सर्दी के कारण स्कूल बंद है लेकिन कोचिंग खुले हुए है।
उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुझाव दिया कि यदि शीतलहर के चलते कोई आदेश निकालते है तो सिर्फ स्कूलों को ना बंद करें और उसे पूरे जिले में एक समान रूप से लागू करें। केके पाठक के इस आदेश को नालंदा डीएम के बाद अब पटना के डीएम ने भी मानने से इनकार कर दिया है। पहले नालंदा डीएम शशांक शुभंकर ने 23 जनवरी तक आठवीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया और आज पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को 23 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।