खुले नाले में डूबने से 4 साल की बच्ची की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम

1st Bihar Published by: BADAL ROHAN Updated Wed, 14 Jul 2021 01:09:49 PM IST

खुले नाले में डूबने से 4 साल की बच्ची की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम

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PATNA CITY: इस वक्त की बड़ी खबर पटना सिटी से आ रही है जहां खुले नाले में गिरने से 4 साल की बच्ची की मौत हो गयी। घटना चौक थाना क्षेत्र के वागमालु खां इलाके की है। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। कलेजे के टूकड़े की मौत से परिजन काफी सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आगे की कार्रवाई शुरू की।  


परिजनों ने बताया कि खेलने के दौरान प्लास्टिक फैक्ट्री के पास सड़क के बीचों बीच खुले नाले में 4 साल की बच्ची रौशनी गिर गई। और नाले के पानी में डूबकर बच्ची की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। नाला खुला होने की शिकायत स्थानीय लोगों ने पहले भी की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। घटना से गुस्साएं लोगों ने सड़क को जाम कर दिया और जमकर हंगामा मचाया। 


पटना नगर निगम की लापरवाही से 4 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद इलाके के लोगों में स्थानीय पार्षद और पटना नगर निगम के प्रति आक्रोश व्याप्त है। पटना सिटी के चौक थाना क्षेत्र के वागमालु खां इलाका के वार्ड नंबर -64 मेंं खुले नाले में गिरने से 4 वर्षीय बच्ची काल के गाल में समा गई। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वही बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू की।

बच्ची की पहचान मो.जफर खां की 4 वर्षीय पुत्री रौशनी खातून के रूप में हुई है। बताया जाता है खेलने के दौरान बच्ची की नाले में गिरने में उसकी मौत हो गई। वही आक्रोशित लोगों कहना था की इस खतरनाक नाले में पहले भी कई लोग पहले भी गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए है। इलाके के लोग खुले  नाले को ढकने के लिए स्थानीय पार्षद और नगर निगम से कई बार गुहार लगा चुके है फिर भी इस नाले को ढकने के लिए कोई पहल नही की गई और फिर आज एक हादसा हुआ। नाले में गिरने से बच्ची की मौत हो गई। लोगों का कहना था कि स्थानीय वार्ड पार्षद इस इलाके में ना ही साफ सफाई कराती है और ना ही ओपन नाले को ढकने का काम करती है। ऐसे में पार्षद और नगर निगम अधिकारी पर कानूनी करवाई की जरूरत है।