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के के पाठक पर ठेकेदार को पीटने का आरोप, बॉडीगार्ड का रिवॉल्वर लेकर कनपटी पर भिड़ाया, जान बचाकर सचिवालय से भागे ठेकेदार

1st Bihar Published by: 8 Updated Jul 24, 2019, 3:20:54 PM

के के पाठक पर ठेकेदार को पीटने का आरोप, बॉडीगार्ड का रिवॉल्वर लेकर कनपटी पर भिड़ाया, जान बचाकर सचिवालय से भागे ठेकेदार

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PATNA: विवादों से घिरे रहने वाले IAS के के पाठक का नया कारनामा सामने आया है. एक ठेकेदार ने आज उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए सचिवालय थाने में FIR दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है. ठेकेदार के मुताबिक के के पाठक ने उन्हें आज अपने चैंबर में बुलाया. फिर गंदी गालियां देते हुए जमकर पीटा. इससे भी जी नहीं भरा तो बॉडीगार्ड का रिवॉल्वर निकाल कर तान दिया. ठेकेदार ने सचिवालय से भाग कर अपनी जान बचायी. https://www.youtube.com/watch?v=C94gzC9nrd8 क्या है पूरा मामला आई ए एस के के पाठक फिलहाल लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव हैं. इसी विभाग में ठेकेदारी करने वाली कंपनी शकुंतला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर कुमुद राज सिंह आज सचिवालय थाने में FIR कराने के लिए आवेदन लेकर पहुंचे हैं. कुमुद राज सिंह के आवेदन के मुताबिक आज विभाग के कार्यपालक अभियंता ने उन्हें फोन कर प्रधान सचिव के चैंबर में आने को कहा. इसके बाद वे अपनी कंपनी के दूसरे सहयोगियों के साथ प्रधान सचिव के के पाठक के कक्ष में पहुंचे. ठेकेदार के मुताबिक के के पाठक ने उनसे पूछा कि नालंदा के रहुई में उनके द्वारा किया गया काम क्यों क्षतिग्रस्त हो गया है. ठेकेदार ने कहा कि भारी बारिश के कारण कुछ क्षति पहुंची है, जिसे वे ठीक करा देंगे. ठेकेदार के मुताबिक इतना सुनते ही के के पाठक आग बबूला हो उठे और गालियां देनी शुरू कर दी. प्रधान सचिव पाठक ने अपने बॉडीगार्ड का डंडा ले कर कुमुद राज सिंह की जमकर पिटाई की. फिर बॉडीगार्ड का ही रिवॉल्वर लेकर ठेकेदार के कनपटी पर सटा दिया. ठेकेदार के मुताबिक के के पाठक ने गोली मारने की धमकी दी. इसके बाद ठेकेदार जान बचा कर किसी तरह वहां से भागे. ठेकेदार कुमुद राज सिंह ने कहा है कि सचिवालय में लगे CCTV कैमरे में सारा वाकया कैद है, जिससे इस प्रकरण की छानबीन की जा सकती है. सचिवालय थाने ने FIR लेने से किया इंकार अपने साथ हुए वाकये के बाद ठेकेदार FIR दर्ज कराने सचिवालय थाना पहुंचे. उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी. लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज करने से इंकार कर दिया. देर शाम तक ठेकेदार सचिवालय थाने में मौजूद थे. लेकिन पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही थी.