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झूठ बोलकर पीएम बन गए नरेंद्र मोदी, ललन सिंह बोले- उनसे बड़ा बहरूपिया कोई नहीं

1st Bihar Published by: Updated Sep 18, 2022, 5:19:43 PM

झूठ बोलकर पीएम बन गए नरेंद्र मोदी, ललन सिंह बोले- उनसे बड़ा बहरूपिया कोई नहीं

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LAKHISARAI : बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। एक तरफ बीजेपी के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और महागठबंधन की सरकार पर हमलावर बने हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ जेडीयू और आरजेडी के नेताओं ने भी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ललन सिंह ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने वोट हासिल करने के लिए देश की जनता से झूठ बोला। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी से बड़ा बहुरूपिया इस देश में नहीं है।


दरअसल, ललन सिंह आज एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखीसराय पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर हमला बोला। ललन सिंह ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने जाति और धर्म के नाम पर जनता से झूठ बोलकर वोट लिया और जहां जैसा देखा खुद को उस रूप में समर्पित कर दिया। वोट हासिल करने के लिए कभी खुद को पिछड़ा बताया तो कभी अतिपिछड़ा। ललन सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी से बड़ा बहुरूपिया इस देश में नहीं होगा। दिन में 12 रूप बदलने वाले बहुरूपिया को भी नरेंद्र मोदी ने रूप बदलने में पछाड़ दिया। नरेंद्र मोदी देश के जिस कोना में गए वैसा ही रूप धारण कर लिये और पूरे देश के साथ साथ बिहार के लोगों को भी ठग कर वोट लिया और प्रधानमंत्री बन गए।


उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अपने वादे को भूल गए। नरेंद्र मोदी के इस वादे के कारण दूसरे प्रदेशों में तैयारी कर रहे बिहार के युवा पढ़ाई छोड़कर इस आस में गांव चले आए और परिवार के लोगों से नरेंद्र मोदी को वोट देने की अपील कर रहे थे ताकि उन्हें नौकरी मिल सके। नरेंद्र मोदी चुनाव जीतकर देश के प्रधानमंत्री बन गए और दो करोड़ रोजगार का वादा जुमला बनकर रह गया।


देश की जनता महंगाई की मार से त्रस्त है लेकिन प्रधानमंत्री महंगाई पर चर्चा नहीं कर रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर महंगाई पर चर्चा करेंगे तो उन्हें देश की जनता को जवाब देना पड़ेगा। देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। इसकी चर्चा करने के बजाए प्रधानमंत्री लोगों का ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक उन्मांद फैलाने का काम कर रहे हैं ताकि आने वाले चुनावों में उन्हें धर्म के नाम पर वोट मिल जाए लेकिन देश की जनता उन्हें अच्छी तरह से समझ चुकी है।