झारखंड में 1932 खातियान लागू करने के खिलाफ मधु कोड़ा, हेमंत सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का एलान

झारखंड में 1932 खातियान लागू करने के खिलाफ मधु कोड़ा, हेमंत सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का एलान

JHARKHAND: झारखंड में बहुप्रतिक्षित डोमिसाइल नीति लागू करने का फैसला बुधवार को हेमंत सोरेन की सरकार ने लिया था। अभी इस नीति को लागू करने की घोषणा हुए 24 घंटे भी नहीं हुआ था कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


मधु कोड़ा ने गुरूवार को प्रेस कांफ्रेंस कर 1932 खातियान को वापस लेने का अल्टीमेटम हेमंत सरकार को दे दिया। कोड़ा ने कहा कि ये जल्दीबाजी में लाया गया है अगर इसपर सरकार को पुनर्विचार करना होगा। अगर ये वापस नहीं हुआ तो पूरा कोल्हान जलेगा। कोड़ा ने आगे कहा कि पूरा कि अगर सरकार वापस नहीं लेती है तो हम आंदोलन करने को विवश हो जाएंगे। स्थानीयता को लेकर ये जो फैसला लिया गया है वो जल्दीबाजी में लाया गया है। इसके खिलाफ लोगों में आक्रोश है पुनर्विचार नहीं करने पर पूरा कोल्हान आंदोलित होगा, मै सड़को पर उतरने के लिए विवश हो जाउंगा।


बुधवार को हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 1932 का खातियान लागू करने का फैसला लिया गया तो गुरूवार को जेएमएम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रांची सहित राज्य के कई जिलों में आभार यात्रा निकाली गई। इसमें 1932 खातियान और ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया गया। 


जेएमएम के नेता और खुद मुख्यमंत्री नई डोमिसाइल नीति को अपनी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बता रहे है वही सरकार में हिस्सेदार कांग्रेस पार्टी की सांसद गीता कोड़ा के पति और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा फैसले का विरोध कर सरकार के जश्न पर पानी फेर रहे है।