1st Bihar Published by: AKASH KUMAR Updated Aug 10, 2022, 9:03:26 PM
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AURANGABAD: औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने दुष्कर्म के एक मामले में सजा सुनाई है। हॉस्टेल में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी हॉस्टेल के मालिक को कोर्ट ने 20 साल की सजा का ऐलान किया है। इसके साथ ही 10 हजार रुपया आर्थिक दंड भी लगाया है।
दोषी हॉस्टेल संचालक राजू कुमार गया जिले के आंती थाना क्षेत्र के चंदैली गांव का रहने वाला है। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे सह स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार पाठक की अदालत ने बुधवार को महिला थाना कांड संख्या 19/21 में सज़ा की बिन्दुओ पर सुनवाई करते हुए सजा सुनायी है।
अभियुक्त दाउदनगर के वार्ड 26 पटेल नगर में आवासीय मॉर्डन एकेडमी चलाता था। उसके हॉस्टल में ही रहकर पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी व दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद नाबालिग पीड़िता के चाचा ने थाने में एफआईआर दर्ज कराया था। एकमात्र काराधीन बंदी अभियुक्त गया जिले के आंती थाना के चंदैली निवासी व वर्तमान में दाउदनगर के पटेल नगर निवासी राजू कुमार को भादंसं की धारा 376 में 20 साल की सजा सुनायी है। साथ ही दस हजार जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना नहीं देने पर एक साल और जेल में रहना होगा। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता की माने तो मामले की प्राथमिकी 19 जून 2021 को दर्ज कराई गई थी और साल भर में पीड़िता को न्याय दिलाई गई। अभियुक्त घटना के समय से जेल में बंद हैं। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि पीड़ित छात्रा ने अभियुक्त पर आरोप लगाया था कि वह जिस हास्टल में रहकर वह पढ़ती थी। जहां हॉस्टल के मालिक ने लगातार दो दिनों तक उसका शारीरिक शोषण किया उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।