Hindi News / news / हाईकोर्ट में निकल गयी पप्पू यादव की हेकड़ी, अब उत्पात नहीं करने का...

हाईकोर्ट में निकल गयी पप्पू यादव की हेकड़ी, अब उत्पात नहीं करने का भरोसा दिलाया, तब मिली अग्रिम जमानत

1st Bihar Published by: 4 Updated Aug 02, 2019, 1:05:46 PM

हाईकोर्ट में निकल गयी पप्पू यादव की हेकड़ी, अब उत्पात नहीं करने का भरोसा दिलाया, तब मिली अग्रिम जमानत

- फ़ोटो

PATNA: अपने कारनामों के लिए कुख्यात पूर्व सांसद पप्पू यादव की हेकड़ी पटना हाईकोर्ट में निकल गयी. पप्पू यादव ने आज कोर्ट को ये भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में कभी कानून नहीं तोड़ेंगे. इसके बाद उन्हें सड़क जाम कर उत्पात मचाने के मामले में अग्रिम जमानत मिल गयी. गर्दनीबाग में समर्थकों संग पप्पू ने मचाया था उत्पात मामला पिछले साल 21 दिसंबर का है. पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने गर्दनीबाग में प्रदर्शन करते हुए जमकर उत्पात मचाया था. उनकी पत्थरबाजी से एक पुलिस दरोगा को सिर में गंभीर चोटें आयी थीं. इसके बाद पप्पू यादव समेत 25 नामजद अभियुक्तों और 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए पप्पू यादव ने पटना सिविल कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज हो गयी थी. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने कल ही लगायी थी फटकार हाईकोर्ट ने कल इस मामले पर सुनवाई करते हुए कड़ी नाराजगी जतायी थी. कोर्ट ने पप्पू यादव को ये अंडरटेकिंग देने को कहा था कि भविष्य में वे कभी सड़क जाम या प्रदर्शन कर आम जनता को परेशान नहीं करेंगे ना ही कोई कानून तोड़ेंगे. गिरफ्तारी से बचने के लिए बेकरार पप्पू यादव के वकील ने आज कोर्ट को इसका भरोसा दिलाया. वकील ने कहा कि पप्पू यादव अब कभी सड़क जाम और प्रदर्शन कर आम लोगों को परेशान नहीं करेंगे. कोर्ट ने वकील के आश्वासन को नोट कराया और तब पप्पू यादव को अग्रिम जमानत दी गयी. उपद्रवियों पर सामूहिक जुर्माने की तैयारी कोर्ट ने पप्पू यादव मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के उस कानून पर भी पूछताछ की जिसमें उपद्रवियों पर सामूहिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. बिहार सरकार ने 1982 में कानून बनाकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सामूहिक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया था. कोर्ट ने इस कानून से सूबे के सभी डीएम को अवगत कराने को कहा. सभी डीएम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बतायेंगे कि कानून का पालन किया जा रहा है या नहीं. कोर्ट ने 2 महीने बाद फिर से इस मसले पर सुनवाई करने का फैसला लिया है.